4 मीटर और 9 मीटर दूर दो बिंदुओं से शिखर के उन्नयन कोण पूरक हों। तो सिद्ध करे मीनार की ऊंचाई 6 m है।
Автор: Haribaba Coaching center
Загружено: 2025-11-12
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यह प्रश्न त्रिकोणमिति (Trigonometry) के महत्वपूर्ण सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें हमें मीनार (Tower) की ऊँचाई ज्ञात करनी है। प्रश्न में बताया गया है कि मीनार के आधार से एक सीधी रेखा में दो बिंदु लिए गए हैं — पहला बिंदु 4 मीटर की दूरी पर और दूसरा बिंदु 9 मीटर की दूरी पर स्थित है। इन दोनों बिंदुओं से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण (Angle of Elevation) पूरक (Complementary) हैं, अर्थात् दोनों कोणों का योग 90° है।
हम जानते हैं कि किसी ऊँचाई और दूरी के बीच संबंध tan θ = ऊँचाई / दूरी से व्यक्त किया जाता है।
पहले बिंदु के लिए —
\tan θ = \frac{h}{4}
\tan (90° - θ) = \frac{h}{9}
चूँकि , इसलिए
\cot θ = \frac{h}{9}
\Rightarrow \tan θ = \frac{9}{h}
अब दोनों समीकरणों को बराबर रखने पर —
\frac{h}{4} = \frac{9}{h}
\Rightarrow h^2 = 36
\Rightarrow h = 6
अतः सिद्ध हुआ कि मीनार की ऊँचाई 6 मीटर है।
🌟 पूरक कोण की परिभाषा (Definition of Complementary Angles):
जब दो कोणों का योग 90° (नब्बे डिग्री) होता है, तब उन दोनों कोणों को पूरक कोण (Complementary Angles) कहा जाता है।
👉 उदाहरण के लिए:
यदि एक कोण 30° है और दूसरा 60°,
तो
30° + 60° = 90°
🔹 याद रखने योग्य बात:
पूरक कोण हमेशा दो अलग-अलग कोण होते हैं जिनका योग 90° हो।
अंग्रेज़ी में इन्हें Complementary Angles कहा जाता है।
क्या चाहेंगे कि मैं इसके साथ एक चित्र (diagram) या whiteboard-style image बनाकर समझा दूँ?
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