किसने और क्यों किया था भारत बंद क्या है 2 अप्रैल भारत बंद का इतिहास । 13 लोग हुए थे शहीद
Автор: 85 Tak
Загружено: 2023-04-01
Просмотров: 7374
Описание:
किसने और क्यों किया था भारत बंद, क्या है 2 अप्रैल भारत बंद का इतिहास । 13 लोग हुए थे शहीद
85 Tak चैनल पर अपने क्षेत्र की खबर दिखाने के लिए हमें खबर से सम्बन्धित वीडियो या जानकारी वाट्स करें-8299786427
fallow us on inst:-
I'm on Instagram as 85tak. Install the app to follow my photos and videos. https://www.instagram.com/invites/con...
fallow us on twitter :-
Take a look at 85 Tak (@vijayvidrohi5): https://twitter.com/vijayvidrohi5?t=o...
fb:-
/ vijaypratap.saroj.52
तारीख़ थी २ अप्रैल, बुलावा था भारत बंद का । एक ऐसा भारत बंद जो आज तक भारत के इतिहास में ना दलितों ने किया था ना किसी अन्य वर्ग ने । जो देश के कई राज्यों को हिला कर रख दिया था ।
मध्यप्रदेश , राजस्थान , गुजरात हरियाणा, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, देश के तमाम राज्यों में बहुत प्रभावशाली रहा । लेकिन भारत बंद अचानक देखते देखते हिंसा और आगज़नी में तब्दील हो गया था ।
2 अप्रैल 2018 को क्यों हुआ था भारत बंद, भारत बंद में हिंसा और आगज़नी का कौन था ज़िम्मेदार , आख़िर 13 दलितों ने भारत बंद में क्यो दे दी थी अपनी शहादत । दलित 2 अप्रैल 2018 को बलिदान दिवस के रूप में क्यों मानता है ?
दोस्तों ये मामला ऐट्रोसिटी ऐक्ट से जुड़ा हुआ है
2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग का हवाला देते हुए चिंता जताई थी और इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ़्तारी की जगह शुरुआती जाँच की बात कही थी ।
जब सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर कहा था कि इन मामलों में तुरंत गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए और शुरुआती जाँच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए । सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले से खाशकर sc/st के लोगों में यह बात सोशल मीडिया के माध्यम से आग की तरह फैल गई । बस कुछ नही हुआ बस देखते देखते क्या हुआ कि किसी ने 2 अप्रैल भारत बंद का ऐलान सोशलमीडिया पर कर दिया और भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा भारत बंद हुआ। लेकिन भारत बंद का ऐलान किसने किया,इसका कोई एक नेतृत्व नही दिख रहा था । बस इतना साफ़ था की सामाजिक संगठनों द्वारा ही भारत बंद का ऐलान हुआ था ।
मध्यप्रदेश , गुजरात , हरियाणा, राजस्थान , उत्तर प्रदेश , झारखण्ड देश के तमाम प्रदेशों में प्रभावशाली भारत बंद रहा । लेकिन इस दलित आंदोलन को बदनाम करने के लिए मनुवादी संगठन के लोग भी भारत बंद में शामिल हुए और पूरा माहौल ही बदल दिया । भारत बंद उग्र हो उठा यह हिंसा और आगज़नी में बदल गया । यहाँ तक कि मनुवादियो के द्वारा गोली भी चलाई गई । जिसका वीडियो भी सामने आया था । दलितों को बदनाम करने के लिए मनुवादी संगठन और मीडिया ने साथ मिलकर काम किया । मनुवादी ने भारत बंद में हिंसा कराया और दलितों को बदनाम किया ।
एक दर्जन दलित इस एट्रोसिटी ऐक्ट संशोधन के विरोध में खुद को क़ुर्बान कर दिया और केंद्र सरकार को पुनः संशोधन करना पड़ा और सुप्रीम कोर्ट ने भी हरी झण्डी दे दी थी । मतलब ऐट्रोसिटी ऐक़्ट पुनः अपने मूलरूप में केंद्र सरकार द्वारा कर दिया गया ।
यह भारत बंद दलित एकता की याद दिलाता है । बेशक यह आंदोलन उग्र और हिंसा में बदल गया था
मगर यह बात तो तय है की जो संविधान को बदलने की बात करते रहते है यह उन मनुवादियो के लिए ख़्वाब ही बन कर रह जाएगा क्योंकि जो बहुजन संविधान के एक आर्टिकल को बचाने के लिए अपनी जान दे सकते है तो पूरे संविधान के लिए बहुजन क्या कुछ नही कर सकता ।
दोस्तों आप क्या सोंचते है 2 ऐप्रेल के इतिहास के बारे में आप हमें अपनी राय कमेंट में ज़रूर दीजिए ।
फिर फ़िलते है अगले वीडियो में तबतक के लिए जय जवान जय किसान जय विज्ञान जय संविधान
#2aprilbharatband
#balidandiwas
#bharatband2018
#2april2018bharatband
2 April 2018 ko kya huwa tha
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: