Divorce Honourable Supreme court Ajeet Kumar Gautam vs Neetu Gautam 2023
Автор: Narsingh katiyar Advocate
Загружено: 2026-01-18
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अनुच्छेद 142 के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवाह विच्छेद: 10 वर्ष से अलगाव को तलाक का वैध आधार माना गया
जब वैवाहिक संबंध पूरी तरह टूट जाए, तब सुप्रीम कोर्ट का अनुच्छेद 142 न्याय का अंतिम साधन बनता है
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी विवाह के 5 वर्ष बाद पति के घर से अलग हो जाती है और पति-पत्नी 10 वर्षों तक लगातार अलग-अलग रहते हैं, तथा साथ रहने के सभी प्रयास विफल हो चुके हों, तो यह स्थिति हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 13 के अंतर्गत तलाक (विवाह विच्छेद) का मजबूत आधार मानी जा सकती है।
न्यायालय ने यह भी माना कि ऐसे मामलों में विवाह केवल कानूनी बंधन बनकर रह जाता है, जिसमें भावनात्मक और वैवाहिक संबंध पूरी तरह समाप्त हो चुके हों। ऐसे में अनुच्छेद 142 का प्रयोग कर पूर्ण न्याय करते हुए तलाक प्रदान किया जा सकता है।
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Narsingh Katiyar advocate chembur no 78 Central bar Association Pilibhit Uttar Pradesh
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