SONGS SHRI RAM
Автор: Bhagti Sagar
Загружено: 2026-02-21
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Ramayana – बाल काण्ड की पूरी कथा
बाल काण्ड रामायण का प्रथम और अत्यंत मंगलमय भाग है। इसमें भगवान श्रीराम के जन्म, बाल्यकाल, शिक्षा, पराक्रम और विवाह तक की सम्पूर्ण कथा आती है।
1. वाल्मीकि को रामकथा का ज्ञान
एक दिन महर्षि Valmiki ने देवर्षि Narada से पूछा — “इस संसार में सर्वगुण सम्पन्न, सत्यवादी और धर्मात्मा पुरुष कौन है?”
नारद जी ने उत्तर दिया — “अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्रीराम ऐसे ही पुरुष हैं।”
नारद जी ने उन्हें संपूर्ण रामकथा सुनाई।
इसके बाद ब्रह्मा जी की प्रेरणा से वाल्मीकि जी ने रामायण की रचना की।
2. अयोध्या और दशरथ
अयोध्या नगरी के राजा Dasharatha बड़े प्रतापी और धर्मात्मा थे, परंतु उनके कोई संतान नहीं थी।
उन्होंने ऋष्यश्रृंग मुनि से पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराया।
यज्ञ के फलस्वरूप अग्निदेव ने खीर का पात्र दिया, जिसे तीनों रानियों — कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा — में बाँटा गया।
3. चारों राजकुमारों का जन्म
समय आने पर चारों पुत्र जन्मे:
• Rama (कौशल्या से)
• भरत (कैकेयी से)
• लक्ष्मण और शत्रुघ्न (सुमित्रा से)
अयोध्या में उत्सव मनाया गया।
राम बचपन से ही तेजस्वी, करुणामय और मर्यादाशील थे। लक्ष्मण सदैव राम के साथ रहते थे।
4. विश्वामित्र का आगमन
एक दिन महर्षि Vishvamitra राजा दशरथ के दरबार में आए।
उन्होंने कहा कि राक्षस उनके यज्ञ में विघ्न डालते हैं, इसलिए वे राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाना चाहते हैं।
महर्षि Vishvamitra राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को अपने यज्ञ की रक्षा हेतु मांगते हैं।
राम और लक्ष्मण उनके साथ वन जाते हैं और ताड़का नामक राक्षसी का वध करते हैं।
दशरथ पहले चिंतित हुए, पर गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने राम-लक्ष्मण को भेज दिया।
5. ताड़का वध और शिक्षा
वन में राम ने ताड़का नामक राक्षसी का वध किया।
विश्वामित्र ने उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान दिया।
राम ने मारीच और सुबाहु को भी परास्त किया।
6. अहिल्या उद्धार
वन में राम ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या के आश्रम पहुँचे।
इंद्र के छल के कारण गौतम ऋषि ने अहिल्या को पत्थर बनने का श्राप दिया था।
राम के चरण स्पर्श से अहिल्या पुनः अपने दिव्य रूप में आ गईं।
यह राम की करुणा और उद्धार का प्रतीक है।
7. मिथिला और सीता स्वयंवर
राम और लक्ष्मण मिथिला पहुँचे, जहाँ राजा Janaka ने अपनी पुत्री Sita के लिए स्वयंवर रचा था।
शर्त थी — भगवान Shiva के धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ानी होगी।
कई राजाओं ने प्रयास किया, पर कोई सफल न हुआ।
राम ने सहज भाव से धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया।
सीता जी ने राम को वरमाला पहनाई।
8. चारों भाइयों का विवाह
केवल राम और सीता ही नहीं, बल्कि:
• भरत का विवाह मांडवी से
• लक्ष्मण का विवाह उर्मिला से
• शत्रुघ्न का विवाह श्रुतकीर्ति से
भव्य उत्सव के साथ सम्पन्न हुआ।
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बाल काण्ड का सार
• राम का अवतार धर्म की रक्षा के लिए हुआ।
• गुरु सेवा और आज्ञापालन का महत्व बताया गया।
• करुणा, शौर्य और मर्यादा का आदर्श स्थापित किया गया।
• राम और सीता का दिव्य मिलन हुआ।
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