रंग बरसे राधा श्याम | ब्रज की होली | राधा कृष्ण फाग | भक्ति रस में डूबा ब्रज भाषा होली भजन 🌸🎨
Автор: BHAKTI MUSIC & RAP
Загружено: 2026-03-03
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रंग बरसे राधा श्याम | ब्रज की होली | राधा कृष्ण फाग | भक्ति रस में डूबा ब्रज भाषा होली भजन 🌸🎨
ब्रज की पावन भूमि से निकला यह भक्ति-भाव से भरा होली भजन, जहाँ राधा-कृष्ण की अलौकिक होली, प्रेम और आनंद की झलक मिलती है।
यह भजन शुद्ध ब्रज भाषा में गाया गया है, जिसमें रंग, गुलाल, प्रेम और भक्ति का अद्भुत संगम है।
ढोलक, मंजीरा और कोमल स्वरों के साथ यह भजन मन को शांत करता है और सीधे वृंदावन की गलियों में ले जाता है।
भक्ति, प्रेम और आनंद से भरपूर यह ब्रज होली फाग सुनकर मन बार-बार सुनने को करता है।
🙏 राधे-राधे कहकर सुनिए और भक्ति में डूब जाइए 🙏
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Bhajan Lyrics :-
[Intro]
ब्रज की गलीं में आज भयो उजियारो
रंग रस बरसत
झूमत है बनवारी हारे
[Verse 1]
बरसाने की ओर सयाना कान्हा
अँखियन में नैना डारै
हाथ में पिचकारी प्रेम की भरके
राधे पर रंग बौछारै
छज्जा छज्जा हँसी खिली जाय
आँगन द्वारे गुलाल
दौड़त गोपी
बुलावत “श्यामा”
रंगे भयो सब ब्रज लाल
[Chorus]
रंग बरसे राधा-श्याम
मनवा भयो भींजाय
प्रीत रसाळी होरी खेलैं
दुख सब दूर उड़ाय
“राधे राधे” मुख ते झरै
“श्याम” नाम मुसकाय
आजु मिलन की घड़िया भई
चित चकोर लुभाय
[Verse 2]
राधा जी घूँघट थोरो सम्हारैं
हासि करि देसू झलक
कान्हा जी चितचोर बनि आयो
रंग से भर्यो पलक
पीत पगरिया
नील वसन डोलैं
मोर मुकुट झलिकाय
वंशी की सुर में रंग घुल्यो है
साँझ सकल सरसाय
[Chorus]
रंग बरसे राधा-श्याम
मनवा भयो भींजाय
प्रीत रसाळी होरी खेलैं
दुख सब दूर उड़ाय
“राधे राधे” मुख ते झरै
“श्याम” नाम मुसकाय
आजु मिलन की घड़िया भई
चित चकोर लुभाय
[Bridge]
कोई कहै “जय राधे-श्याम”
कोई झूमै “श्याम-सवरिया”
ढोलक की थाप पे नाचैं सब
रस बरसै नैना भरिया
अलख प्रेम की आज जगायौ
ब्रह्म रसालो स्याम
गाइँयौ फाग
लुटायौ बादरा
राधा के संग घनश्याम
[Chorus]
रंग बरसे राधा-श्याम
मनवा भयो भींजाय
प्रीत रसाळी होरी खेलैं
दुख सब दूर उड़ाय
“राधे राधे” मुख ते झरै
“श्याम” नाम मुसकाय
आजु मिलन की घड़िया भई
चित चकोर लुभाय
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