Champeya Gaurardha l ArdhNarishwar Stotra l Adi Shankaracharya l Madhvi Madhukar
Автор: Madhvi Madhukar
Загружено: 2024-03-07
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अर्ध नारीश्वर स्तनोत्रजुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है कि ब्रह्मा ने सृजन का काम शुरू किया था उन्होंने पाया कि उनकी समस्त रचनाएं जीवनोपरांत नष्ट हो जाएंगी जिस कारण उन्हें नए सिरे से सृजन करना होगा। बहुत सोच-विचार करने के बाद भी वो किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाए तो अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भगवान शंकर की कठोर तपस्या की। ब्रह्मा की इस कठीर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने समस्या के समाधान में अर्धनीरश्वर रूप में प्रगट हुए। यानि शरीर के आधे भाग से वह शिव थे तथा आधे से शिवा यानि शक्ति। कहा जाता है कि उन्होंने अपने इस स्वरूप से ब्रह्मा को प्रजननशील प्राणी के सृजन की प्ररेणा दी।
ज्योतिष में भगवान शंकर के इस स्वरूप की पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है।मान्यता है कि अर्धनारीनटेश्वर इस स्तुति को आराधना करने से हर तरह का सुख प्राप्त होता है। शिव महापुराण में वर्णन के अनुसार ‘शंकर: पुरुषा: सर्वे स्त्रिय: सर्वा महेश्वरी’ अर्थात– सभी पुरुष भगवान सदाशिव के अंश है और सारी स्त्रियां भगवती शिवा की अंशभूता हैं,उन्हीं भगवान अर्धनारीश्वर से यह सम्पूर्ण चराचर जगत व्याप्त हैं।।
Ardhanarishwara is a combined form of Shiva and Shakti. He is depicted as Half-male and Half-female. The right-half is Shiva and left-half is Parvathi or Shakti. Ardhanarishwara form depicts how Shiva (male energy) and Shakti (female energy) are inseparable in the universe. Ardhanarishwara stotram was written by Shri Adi Shankaracharya. It is said that one who chants Ardhanareeswara stotram with devotion will have a long life, receive great honor, and will have good fortune. Get Ardhanarishwara Stotram lyrics in hindi here and chant it with devotion to get the grace of Lord Shiva and Parvathi.
चाम्पेयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय ।
धम्मिल्लकायै च जटाधराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ १ ॥कस्तूरिकाकुंकुमचर्चितायै चितारजः पुंजविचर्चिताय ।
कृतस्मरायै विकृतस्मराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ २ ॥
चलत्क्वणत्कंकणनूपुरायै पादाब्जराजत्फणीनूपुराय ।
हेमांगदायै भुजगांगदाय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ३ ॥
विशालनीलोत्पललोचनायै विकासिपंकेरुहलोचनाय ।
समेक्षणायै विषमेक्षणाय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ४ ॥
मन्दारमालाकलितालकायै कपालमालांकितकन्धराय ।
दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ५ ॥
अम्भोधरश्यामलकुन्तलायै तडित्प्रभाताम्रजटाधराय ।
निरीश्वरायै निखिलेश्वराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ६ ॥
प्रपंचसृष्ट्युन्मुखलास्यकायै समस्तसंहारकताण्डवाय ।
जगज्जनन्यैजगदेकपित्रे नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ७ ॥
प्रदीप्तरत्नोज्ज्वलकुण्डलायै स्फुरन्महापन्नगभूषणाय ।
शिवान्वितायै च शिवान्विताय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ८ ॥
स्तोत्र पाठ का फल
एतत् पठेदष्टकमिष्टदं यो भक्त्या स मान्यो भुवि दीर्घजीवी ।
प्राप्नोति सौभाग्यमनन्तकालं भूयात् सदा तस्य समस्तसिद्धि: ॥ ९ ॥
॥ इति आदिशंकराचार्य विरचित अर्धनारीनटेश्वरस्तोत्रम् सम्पूर्णम्
Song Credits
Song: Ardh Nari Nateshwar Stotram
Singer : Madhvi Madhukar
Chorous : Nikhil Bisht , Aabha Tiwari, Madhvi
Lyrics: Adi Shankaracharya
Music label: SubhNir Productions
Music Director: Nikhil Bisht, Rajkumar
Keyboard: Pawan Kumar
Flute: Anurag Sharma
Video Editing: Vickey Shah
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