𝗚𝗢𝗚𝗔𝗠𝗘𝗗𝗜 जिस्का प्राचीन मंदिर राजस्थान में है || 𝙄𝙣𝙨𝙩𝙖360𝙤𝙣𝙚𝙓2
Автор: Wanderer Tushar
Загружено: 2021-09-16
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ᕼᗩᖇ ᕼᗩᖇ ᗰᗩᕼᗩᗪEᐯ🙏
ʜᴇʟʟᴏ ꜰʀɪᴇɴᴅ, ꜱᴏ ᴛᴏᴅᴀʏ ᴡᴇ ᴀʀᴇ ɢᴏɪɴɢ ᴛᴏ ɢᴏɢᴀ ᴍᴇᴅɪ ᴛᴇᴍᴘʟᴇ ᴡɪᴛʜ ᴍʏ ᴍᴏᴛʜᴇʀ ᴀɴᴅ ʙʀᴏᴛʜᴇʀ, ᴡʜɪᴄʜ ɪꜱ ʟᴏᴄᴀᴛᴇᴅ ɴᴇᴀʀ ᴍʏ ɢʀᴀɴᴅᴍᴏᴛʜᴇʀ'ꜱ ʜᴏᴜꜱᴇ ᴀɴᴅ ᴀɴᴄɪᴇɴᴛ ᴛᴇᴍᴘʟᴇ ᴏꜰ ɢᴏɢᴀᴍᴇᴅɪ ᴛᴇᴍᴘʟᴇ ɪɴ ʀᴀᴊᴀꜱᴛʜᴀɴ, ᴡʜɪᴄʜ ɪꜱ ʙᴇʟɪᴇᴠᴇᴅ ᴛᴏ ʙᴇ 900 ʏᴇᴀʀꜱ ᴏʟᴅ, ꜱᴏ ʏᴏᴜ ᴡɪʟʟ ɢᴇᴛ ᴀʟʟ ᴛʜᴇ ɪɴꜰᴏʀᴍᴀᴛɪᴏɴ ᴀʙᴏᴜᴛ ɪᴛ ɪɴ ʙᴇʟᴏᴡ:-
परिचय
राजस्थान के हनुमानढ जिले की नोेहर तहसील के गोगामेड़ी में लोकदेवता श्री गोगाजी का प्रसिद्व मंदिर स्थित है। गोगामेड़ी मंदिर राजस्थान सरकार देवस्थान विभाग का एक आत्मनिर्भर क्षेणी का मंदिर है, जिसका प्रबन्धन एवं नियंत्रण सहायक आयुक्त कार्यालय हनुमानगढ द्वारा किया जाता है।
उक्त मंदिर के गर्भगृह में गोगाजी की संगमरमर की समाधि निर्मित होकर अवस्थित है। गोगाजी का मंदिर साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतिक है, एवं यहॉ हिन्दू , मुसलमान सहित सभी धर्मो के दर्शनार्थी आते है। गोगामेड़ी में प्रतिवर्ष एक वार्षिक मेंला ( लक्खी मेंला ) लगता है, जो कि श्रावण पूर्णिमा ( रक्षा बन्धन) से श्रद्रपद पूर्णिमा माह में 1 माह तक चलता है। मेला दो भागों में विभगत होता है, प्रथम १५ दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश,के श्रद्धालु आते है जो की पीले वस्त्र धारण किया करते है एवं द्वितीये १५ दिनों में पंजाब , हरयाणा, दिल्ली आदि राज्यों के श्रद्धालु आते है | सम्पूर्ण मेले में भारतवर्ष के विभिंन राज्यों से लगभग २०-२५ लाख श्रद्धालु आते है।
उक्त प्रसिद्व मंदिर की गोगामेड़ी रेलवे स्टेशन से दूरी 2 किमीं उपखण्ड नोहर से 32 किमी एवं जिला मुख्यालय हनूमानगढ से दूरी 110 किमीं है। गोगामेड़ी का निकटतम हवाई अड्डा जयपुर है, जो कि गोगामेड़ी से 340 किमीं है।
इतिहास
यह एक रियासतकालीन मंदिर हैं, जिसकी पूर्व में व्यवस्था बीकानेर रियासत द्वारा की जाती थी। गोगाजी के इतिहास के बारे में कई किवदंतिया प्रसिद्व है। गोगाजी के गुरु गोरखनाथ थें एवं माता का नाम बॉछल देवी तथा पिता का नाम जेवरसिंह ( जैबर ) था। गोगाजी का जन्म स्थान ददरेवा ( चूरु ) है एवं इनका जन्म भाद्रपद नवमी को हुआ था, इसी वजह से प्रत्येक माह की नवमी को इस प्रसिद्व धाम पर अत्यधिक श्रद्वालु आते है।
गोगाजी को लोग सॉपो का देवता, गुग्गा वीर, जाहिर वीर, जाहर पीर, आदि नामों से भी पुकारते हैं। यह एक लोकमान्यता है कि सर्प दंष से प्रभावित व्यक्ति को यदि गोगाजी की मेड़ी ( मंदिर ) तक ले जाये तो वह व्यक्ति सर्प विष से मुक्त हो जाता है।
विकास
राजस्थान सरकार देवस्थान विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में उक्त मंदिर का मास्टर प्लान बनवाकर कार्यकारी एजेंसी आर एस आर डीसी (RSRDC) के माध्यम से 23 करोड के विकास कार्य करवायें गए है, विकास कार्यो के अन्तर्गत सम्पूर्ण मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार करवाया गया। मंदिर के जीर्णोद्धार पश्चात इसका आकर्षण बढ गया है, एवं श्रद्वालुओ में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में गोगामेड़ी में देवस्थान विभाग का प्रबंधक एवं निरीक्षक कार्यालय स्थित है, जो कि मंदिर की समस्त व्यवस्थाएं करता है।
स्थान: श्री गोगाजी, गोगामेड़ी, तहसील नोहर, जिला हनुमानगढ़
मंदिर खुलने एवं बंद होन का समय: प्रातः 05:00 से रात्रि 10:00 बजे तक।
विशेष दिनों (गोगानवमी , नवमी , पूर्णिमा) में दर्शन का समय बदला जा सकता है।
निकटतम रेलवे स्टेशन: गोगाजी मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर गोगामेड़ी रेलवे स्टेशन।
निकटतम हवाई अड्डा: गोगाजी मंदिर से लगभग 340 किलोमीटर की दूरी पर जयपुर हवाई अड्डा।
क्या आप जानते हैं: मंदिर लगभग 950 वर्ष पुराना माना जाता है|
ʜᴏᴘᴇ ᴜ ᴀʟʟ ᴇɴᴊᴏʏ ᴛʜᴇ ᴠʟᴏɢ .. ᴍᴀᴋᴇ ꜱᴜʀᴇ ᴛᴏ ʟɪᴋᴇ ᴄᴏᴍᴍᴇɴᴛ ꜱᴜʙꜱᴄʀɪʙᴇ ᴀɴᴅ ꜱʜᴀʀᴇ
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