ycliper

Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
Скачать

Tanwar Tomar Rajput Branches History || तंवर/तोमर राजपूत शाखाओं का इतिहास || Times of Rajasthan

Автор: Times Of Rajasthan

Загружено: 2022-06-25

Просмотров: 11689

Описание: जय मां भवानी 🙏🤠🚩
जय श्रीराम 🙏🤠🚩
जय जय राजपुताना 🙏🤠🚩

राजपूती इतिहास बचाओ 🙏🤠🚩
राजपूती संस्कृति बचाओ 🙏🤠🚩
राजपूती विरासत बचाओ 🙏🤠🚩

1). जावला तंवर
तंवरों के आदि पुरुष तुंगपाल अथवा तोमरपाल के वंशज, राजा जावल के वंशज जावला तंवर कहलाते हैं। जावला तंवर विशेष रूप से राजस्थान के जैसलमेर, सीकर, झुंझनूं जिलों में तथा हरियाणा में है।

2). रूणेचा तंवर - दिल्ली के शासक अनंगपाल द्वितीय के पुत्र ऊमजी के छठें वंशज अजमालजी के पुत्र रामदेव व वीरमदेवजी थे। रामदेवजी राजस्थान के पांच लोक देवताओं में रामसापीर के नाम से प्रसिद्ध हैं। इन्होंने जैसलेमर क्षेत्र के रूणेचा गांव में समाधि ली थी। इन दोनों भाइयों के वंशज रूणेचा गांव के कारण रूणेचा तंवर कहलाते है। इनकी आबादी जैसलमेर क्षेत्र में है।

3). बत्तीसी के तंवर :- पाटन के राजा भोपाल के पुत्र आसलजी के वंशज आसलजी के तंवर कहलाते है। आसलजी के पुत्र बहादुरजी हुए। बत्तीसी के तंवरों की बही अनुसार पाटन राजा बहादुर के आठ रानियों के 32 पुत्र थे। इन पुत्रों के बत्तीस गांव होने के कारण ये बत्तीसी के तंवर कहलाते हैं। इन बत्तीस पुत्रों में बड़े पुत्र पृथ्वीराज को पाटन मिला, अन्य पुत्रों में रणसी को डोकण, सोढजी को जीलो, भोमा, सुरजन व धामदेव को मांवड़ा, आरेड़जी को भादवाड़ी. धीरसिंह को केलू, सीहोजी को गांवड़ी, झूभा को भूदोली, धीरसिंह को टोडा, गणेश्वर व कोण्डला, धागलजी को चीपलाटा व घाटा, मैलराज को मेड़ व बैराठ, अगैराज को जखाड़ा, आशादित को नीमोद, भीकमराय को बुचारा, तेजसिंह को कूण्डी, दूदाजी को सिरोही, नानकदास को नानकबास, मेडराज को इमलोहा, अजन को अजमेरी व रामपुरिया, गोविन्दजी को मौखूता, पीथोजी को प्रीतमपुरी, जड़सी को झाड़ली, गजसिंह को खिरोटी, हालोजी को चुड़ला, दुर्जन व बालोजी को मण्डोली गांव मिले थे।

4). आसलजी के तंवरः- पाटन राणा लाखन के पुत्र कंवल जी के चार पुत्र उदोजी, आसलजी, किलोरजी व फतूजी थे। आसलजी को पाटन की गद्दी मिली। इनके वंशज आसलजी के तंवर कहलाते हैं। आसलजी के वंशधरों के पाटन ठिकाने के अतिरिक्त फागणवास, ऊकन, पाहन, नोराण, दौलतपुरा, जाटावास, टोडा आदि गांव थे।

5). उदोजी के तंवर :- पाटनराव आसलजी के बड़े भाई उदोजी के वंशज उदोजी के तंवर कहलाते है। यह त्यागी पुरुष थे। आसलजी की माता की इच्छा आसलजी को गद्दी दिलाने की थी। उदोजी ने अपनी सौतेली मां की इच्छा पूर्ति के लिए पाटन की गद्दी छोड़ दी। उदोजी के एक पुत्र भंवरपाल थे। भंवरपाल के पुत्र लाखा के पुत्र डूंगरसिंह रायमल शेखावत, अमरसर व हिन्दाल के बीच हुए 1590 के युद्ध में काम आये थे। पाटनराव कंवलजी के पुत्र भीमराज ने बिहारीलाल का मंदिर, जोगेश्वर, राजेश्वर, बालेश्वर, टपकेश्वर, बागेश्वर आदि स्थानों की स्थापना की। इनके पुत्र भगवानदास प्रसिद्ध सन्त हुए जिनका देवस्थान चीपलाटा में है। इनकी बहिन शेखाजी की रानी व रतनाजी की मां थी। रतनाजी द्वारा राज्य विस्तार के समय बनेटी गांव के पास मामा-भानजे का युद्ध हुआ था। इसमें रतनाजी मारे गये थे। भगवानदास की छतरी बनेटी के पास है। पाटनराव कंवलजी के पुत्र व उदोजी के भाई जयंतसिंह ने गणेश्वर कुण्ड का जीर्णोद्धार करवाया था। जिसका शिलालेख कुण्ड की दीवार पर लगा हुआ है। उदोजी के तंवरों के भगेगा, भगोट, बुचारा, प्रथमपुरी, माही गावड़ी, गणेश्वर, मण्डोली, मांवड़ा, नीमकाथाना, महावा, हीरावली, बलराम की ढाणी, राणासर, कोटड़ा, गोविन्दपुरा आदि गांव थे।

6). परसरामजी के तंवर :- पाटन शासक कपूरजी के पुत्र अखैजी के पौत्र परसरामजी के वंशज परसरामजी के तंवर कहलाते है। तोरावाटी में हंसामपुर, सुन्दरपुर, ढाढा, कल्याणपुर, पुरूषोत्तमपुरा, पवाना, नांगल, चौधरी, सूरा की ढाणी आदि गांवों में इनका निवास हैं।

7). किलोड़जी के तंवर अथवा बाईसी के तंवर :- अनंगपाल (दिल्ली) के बाद क्रमशः शालिवाहन, निहाल, दोढ, पोपट, पीपलराज, कंवरसी, महीपाल व भोपाल, पाटन के राजा हुए। भोपाल के पुत्र किलोड़जी के वंशज किलोड़जी के तंवर कहलाते हैं। किलोड़जी के प्रमाड व उसके पुत्र उदयराम के ब्रह्मादास, नागराज, चौडालराज, गोविन्द, सोढ़, कालू व मेहराज थे। कालू निसंतान थे। शेष पुत्रों के पहले बाईस गांव थे। इसलिये यह बाईसी के तंवर भी कहलाते है। बाईसी के तंवरों के दांतिल, कुजीता, महरमपुर, जिणगोर, भालोजी, पाथरेडी, भैसलाना, पवाला, राजपूताना, बेरी, बनेटी, केशवानी, चेचिका, खडब, तिहाड़, बनार, पंचाणी, खेड़ा, नारहेड़ा, सरूण्ड, चांदवास, भोजवास, किरपुरा, फतहपुर, जगदीशपुरा, अहीरोंवाला गांव इन्हीं तंवरों के हैं। भालोजी गांव के तंवर बाद में मिर्जा मुसलमान बन गये और सोढ के प्रपौत्र नाहरसिंह ने नारहेड़ा बसाया था। नारहेड़ा में विशनसिंह ने वि. 1774 में गोगामेड़ी बसाया तथा गोपालसिंह की धर्मपत्नि उम्दा कंवर ने 1674 में शिवालय तथा धर्मशाला बनवाई थी। इनके चौथे पुत्र धनसिंह नाथ बन गया और समाधि ली। इनके वंशज योगी हो गये। फतहपुरा व जगदीशपुरा के तंवर अहिर बन गए।

8). कर्णेजी के तंवर अथवा चौबीसी के तंवर :- अनंगपाल दिल्ली के बाद क्रमश: शालिवाहन, निहाल, दोढ, पोपटराज, पीपलराज, कंवरसी, महीपाल व भोपाल हुए। पाटन शासक भोपाल के पुत्र आसलजी पाटन की गद्दी पर बैठे। दूसरे पुत्र किलोड़जी के वंशज किलोड़जी के तंवर कहलाये तथा तीसरे पुत्र पालनसी को जागीर में पानेड़ा का ठिकाना मिला। पानेड़ा से उठकर पालनसी के वंशज कर्णोजी बडबर में चले गये। इन्हीं कर्णोजी व उनके पुत्र तथा पौत्रों का पठानों के साथ संघर्ष की बात कही जाती है इससे अनुमान होता है कि यह समय बहलोल लोदी के समय होने चाहिए क्योंकि पठान इसी समय इधर आये थे। शेरशाह का दादा इब्राहीम अन्य अफगानों के साथ नारनौल क्षेत्र में आ चुका था और यूनसखां पठान नरहड़ पर 1515 के करीब अधिकार कर चुका था।

Не удается загрузить Youtube-плеер. Проверьте блокировку Youtube в вашей сети.
Повторяем попытку...
Tanwar Tomar Rajput Branches History || तंवर/तोमर राजपूत शाखाओं का इतिहास || Times of Rajasthan

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио

Похожие видео

गौरव की वंशावली | एक ऐसा गाँव, जहाँ के लोगों को है आपके इतिहास की जानकारी | News18 Special

गौरव की वंशावली | एक ऐसा गाँव, जहाँ के लोगों को है आपके इतिहास की जानकारी | News18 Special

Чингисхан vs Александр Македонский: БИТВА, КОТОРОЙ БОЯЛАСЬ ИСТОРИЯ! Кто бы выжил?

Чингисхан vs Александр Македонский: БИТВА, КОТОРОЙ БОЯЛАСЬ ИСТОРИЯ! Кто бы выжил?

History of Jatu Tanwar Rajput|History of Tomar Rajput|जाटू तंवर राजपूतो का इतिहास|

History of Jatu Tanwar Rajput|History of Tomar Rajput|जाटू तंवर राजपूतो का इतिहास|

मोठ रांगड़ान,जाट/राजपूत और 1947 का किस्सा /MOTH RANGRAN,JAT/RAJPUT AUR KISSA 1947 KA

मोठ रांगड़ान,जाट/राजपूत और 1947 का किस्सा /MOTH RANGRAN,JAT/RAJPUT AUR KISSA 1947 KA

Rajasthan History Series : History of Bikaner Part -1 ( बीकानेर का इतिहास भाग -1 )  By Rajveer Sir

Rajasthan History Series : History of Bikaner Part -1 ( बीकानेर का इतिहास भाग -1 ) By Rajveer Sir

Partition of India 1947 with Bhoop Singh Rajput. Hansi Haryana

Partition of India 1947 with Bhoop Singh Rajput. Hansi Haryana

Наследие Чингисхана: Жестокая реальность, скрытая в истории

Наследие Чингисхана: Жестокая реальность, скрытая в истории

EP 1270: एक Royal Family, एक हादसा और एक Murder, कहानी राजा हनवंत सिंह और ज़ुबैदा की| CRIME TAK

EP 1270: एक Royal Family, एक हादसा और एक Murder, कहानी राजा हनवंत सिंह और ज़ुबैदा की| CRIME TAK

हर हिन्दू का खून खोल उठेगा ये सुनके ! Live Kavi Sammelan 2020 | Ram Bhadawar Kavi

हर हिन्दू का खून खोल उठेगा ये सुनके ! Live Kavi Sammelan 2020 | Ram Bhadawar Kavi

Ameryka wpada w irańskie bagno

Ameryka wpada w irańskie bagno

History of Toor Jatt | Tomar jatt caste history | History of Jatt | untold history of jatt 2021

History of Toor Jatt | Tomar jatt caste history | History of Jatt | untold history of jatt 2021

दिल्ली के स्थापक तंवर / तोमर राजवंश का सम्पूर्ण इतिहास [Anangpal Singh Tomar] #RajputVansh #facts

दिल्ली के स्थापक तंवर / तोमर राजवंश का सम्पूर्ण इतिहास [Anangpal Singh Tomar] #RajputVansh #facts

गुहिल शासक बापा रावल कीकहानी और मेवाड़ इतिहास By Rajveer sir || Mewar history || #rajveersir

गुहिल शासक बापा रावल कीकहानी और मेवाड़ इतिहास By Rajveer sir || Mewar history || #rajveersir

TRUMP ogłosił KONIEC WOJNY, Polska ZAMYKA NIEBO NA WSCHODZIE | Biznes Teraz

TRUMP ogłosił KONIEC WOJNY, Polska ZAMYKA NIEBO NA WSCHODZIE | Biznes Teraz

TRUMP KOŃCZY WOJNĘ, ALE IRAN MA INNY PLAN! POLSKA „BRAMĄ PÓŁNOCNĄ”? NIEMIECKI KRYZYS SIĘ ROZKRĘCA

TRUMP KOŃCZY WOJNĘ, ALE IRAN MA INNY PLAN! POLSKA „BRAMĄ PÓŁNOCNĄ”? NIEMIECKI KRYZYS SIĘ ROZKRĘCA

दिल्ली के तोमर / तँवर राजवंश का इतिहास ।। अनंगपाल तोमर ।। History of Delhi & Anangpal Tomar

दिल्ली के तोमर / तँवर राजवंश का इतिहास ।। अनंगपाल तोमर ।। History of Delhi & Anangpal Tomar

राजपूत जाति के 200 उपनाम | राजपूत जाति को किन किन नामों से जाना जाता है | Rajput jati ke upnam

राजपूत जाति के 200 उपनाम | राजपूत जाति को किन किन नामों से जाना जाता है | Rajput jati ke upnam

त्रिविध वीर जगदेव परमार का इतिहास - परमार वंश का महान योद्धा || Jagdev Parmar History

त्रिविध वीर जगदेव परमार का इतिहास - परमार वंश का महान योद्धा || Jagdev Parmar History

नरुका राजपूत वंश की उत्पत्ती  Naruka Rajput Utpatti

नरुका राजपूत वंश की उत्पत्ती Naruka Rajput Utpatti

Koniec z okularami? To jedno nasionko odbudowuje siatkówkę od wewnątrz

Koniec z okularami? To jedno nasionko odbudowuje siatkówkę od wewnątrz

© 2025 ycliper. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]