🔥 दुल्हन विदाई में चावल क्यों फेंकती है? दिल भर आएगा 😢🌾 🌾अधिक जानकारी के लिए Description पढ़ें
Автор: sdom987
Загружено: 2026-02-24
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🔸 1. माता-पिता का ऋण चुकाने का प्रतीक
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बेटी जब जन्म लेती है तो वह अपने माता-पिता के स्नेह, पालन-पोषण और संस्कारों की ऋणी होती है। विदाई के समय पीछे की ओर चावल फेंकना इस बात का प्रतीक है कि वह अपने माता-पिता के घर में समृद्धि और सुख छोड़कर जा रही है और उनका ऋण कृतज्ञता के साथ लौटा रही है।
🔸 2. अन्नपूर्णा का आशीर्वाद
हिंदू धर्म में अन्न को देवी का स्वरूप माना गया है। विशेष रूप से अन्नपूर्णा देवी को अन्न और समृद्धि की देवी माना जाता है।
दुल्हन द्वारा चावल (अन्न) फेंकना यह दर्शाता है कि वह अपने मायके में अन्न, धन और खुशहाली की कमी न होने का आशीर्वाद दे रही है।
🔸 3. समृद्धि और शुभता का संकेत
चावल को शुभ और पवित्र माना जाता है। विवाह, पूजा, यज्ञ आदि सभी शुभ कार्यों में चावल का प्रयोग होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार चावल फेंकने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है।
यह भी माना जाता है कि बेटी घर की लक्ष्मी होती है, और जाते समय वह अपने पीछे समृद्धि छोड़कर जाती है।
🔸 4. भावनात्मक अर्थ
यह पल इसलिए भी भावुक होता है क्योंकि यह बेटी के जीवन के एक अध्याय के समाप्त होने और नए जीवन की शुरुआत का संकेत है। चावल फेंकते समय दुल्हन मन ही मन अपने माता-पिता और घर की खुशहाली की कामना करती है।
📖 पौराणिक संदर्भ
पुराणों और लोक परंपराओं में अन्न को ब्रह्म के समान माना गया है – “अन्नं ब्रह्म”। इसलिए अन्न का दान या अर्पण अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। विदाई के समय चावल फेंकना उसी परंपरा का एक प्रतीकात्मक रूप है।
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