जवान आदमी को ऐसी कमज़ोर बातें शोभा नहीं देतीं || आचार्य प्रशांत (2023)
Автор: आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant
Загружено: 2023-09-30
Просмотров: 508357
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वीडियो जानकारी: 23.09.23, संत सरिता, ग्रेटर नॉएडा
जवान आदमी को ऐसी कमज़ोर बातें शोभा नहीं देतीं || आचार्य प्रशांत (2023)
📋 Video Chapters:
0:00 - Intro
1:37 - कोई भी लाचार नहीं होता, खुद लाचार बने बैठते हैं
8:15 - हम अपनी कमजोरियाँ क्यों नहीं छोड़ पाते हैं?
13:34 - संस्था का काम कितने बजे शुरू होता है और कब समाप्त होता है?
19:56 - दुर्बलता का कोई इलाज नहीं होता
24:20 - ना बोलना सीखो
28:19 - जिससे कुछ ले रहे हैं, उसे बंधन में ही डाल रहे हैं
31:53 - एक गीता प्रतिभागी के जीवन से जुड़ी कुछ बातें
35:07 - समापन
विवरण:
इस वीडियो में आचार्य जी ने जीवन में संघर्ष, कमजोरी और आत्मनिर्भरता के महत्व पर गहन विचार प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बताया कि जीवन में हर किसी के पास 24 घंटे होते हैं, लेकिन उन घंटों का उपयोग कैसे किया जाए, यह महत्वपूर्ण है। आचार्य जी ने यह भी कहा कि कमजोरी एक मानसिक स्थिति है, जिसे हमें अपने मन से निकालना होगा। उन्होंने बताया कि जब हम अपनी कमजोरी को स्वीकार करते हैं, तो हम दूसरों से सहायता लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं, जो कि आत्म-सम्मान के खिलाफ है।
आचार्य जी ने यह भी कहा कि हमें अपने भीतर की शक्ति को पहचानना चाहिए और खुद को मजबूत बनाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे एक व्यक्ति अपनी कमजोरी के बावजूद खड़ा हो सकता है और अपनी स्थिति को बदल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि समाज में सहायता लेने की प्रवृत्ति हमें कमजोर बनाती है और हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना चाहिए।
आचार्य जी ने यह भी कहा कि हमें अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए अपने विचारों को मजबूत करना होगा और दूसरों को भी प्रेरित करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए और दवाइयों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
प्रसंग:
~ नए रिश्तों को कैसे संभाला जाए?
~ रिश्तों का आधार क्या?
~ कैसे रिश्तों को उचित माना जाए?
~ हम रिश्ते बनाने को आतुर क्यों रहते हैं?
~ किसी निर्णय को लेने में घर वाले परेशान करते हैं तो क्या करें?
~ हर बात के लिए घर वाले अवरोध उत्पन्न करें या परेशान करें तो क्या करें?
~ जीवन को अपने अनुसार कैसे जियें?
~ करियर के निर्णय कैसे लें?
~ घर-परिवार-संबंधियों और दोस्तों के साथ सामंजस्य कैसे बैठाएँ?
संगीत: मिलिंद दाते
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