मुरली पर आधारित गीत | चलो रे मन घर चलें | 05-03-2026 |
Автор: BK MURLI SONGS
Загружено: 2026-03-04
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गीत सुनते सुनते पूरी मुरली याद हो जिएगी।
English visual drawing is available after half of the song
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murli song 5-3-2026 #aajkamurligeet
[Intro]
पाँच हज़ार वर्ष बीते, राह तकते-तकते।
घर की मीठी याद आई, फूल मन के महके।
[Verse 1]
जीवन की ये अंतिम बेला, वानप्रस्थ अवस्था है।
बाबा ने संदेशा भेजा, घर वापसी का रस्ता है।
थकी हुई इस आत्मा को, अब आराम मिलना है।
पतित से पावन बनके फिर से आज खिलना है।
[Chorus]
चलो रे मन घर चलें, शिव बाबा बुलाते हैं।
शांतिधाम की शीतल दुनिया, हमको याद आती हैं।
दुःख की दुनिया छोड़ के अब तो, सुख के धाम जाना है।
बाबा की यादों में खोकर, सब कुछ भूल जाना है।
चलो रे मन घर चलें ….
[Verse 2]
ये ड्रामा बेहद का है, हम सब एक्टर प्यारे हैं।
चौरासी जन्मों के साथी, हम शिव के दुलारे हैं।
पार्ट हमारा अविनाशी, जो अनादि ही नूँधा है।
बाबा ने आ ज्ञान सुनाकर, हर बंधन से खोला है।
[Chorus]
चलो रे मन घर चलें, शिव बाबा बुलाते हैं।
शांतिधाम की शीतल दुनिया, हमको याद आती हैं।
चलो रे मन घर चलें ….
[Bridge]
एक बाप और एक ही वर्सा, दूजा कोई याद नहीं।
अल्फ़ और बे की सहज युक्ति, करती हर फ़रियाद सही।
सहज राजयोग सिखलाया, हठयोग से छुड़ाया।
अपनेपन का प्यार देकर, दिल में हमें बिठाया।
[Outro]
चलो रे मन घर चलें, शिव बाबा बुलाते हैं।
शांतिधाम की शीतल दुनिया, हमको याद आती हैं।
दुःख की दुनिया छोड़ के अब तो, सुख के धाम जाना है।
बाबा की यादों में खोकर, सब कुछ भूल जाना है।
चलो रे मन घर चलें ….
चलो रे मन घर चलें ….
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