#amarnathyatra
Автор: RAGHUVANSHAM HANDLOOM lucknow
Загружено: 2026-01-17
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Описание: मेरी पहली अमरनाथ की यात्रा 8 जुलाई सन 2023 सुबह दोस्त को कॉल किया जो अपनी पूरी टीम के साथ हर साल की तरह इस बार भी यात्रा पर निकल रहा था उसे बात हुई उसने बताया दो टिकट्स एक्स्ट्रा है एक्साइटमेंट पूरी थी पहली बार बाबा के दर्शन करने थे बुलावा आ चुका था बैग उठाया गर्म कपड़े रखिए और निकल पड़े लखनऊ से 5:30 बजे बेगमपुरा एक्सप्रेस से जम्मू तवी के लिए सुबह 11:00 बजे तक लगभग जम्मू तवी पहुंच चुके थे रास्ते में दोस्तों से बात करी तो समझ में आया पहलगाम के द्वारा सभी को यात्रा करनी है और उसे मार्ग से कम से कम एक व्यक्ति का खर्च ₹5000 आना तय था मेरी जेब में सिर्फ 18 सो रुपए थे और मैं किसी के ऊपर अपना भर नहीं रखना चाहता था इसलिए मैं जम्मू तक पहुंचाने का अपने दोस्त को धन्यवाद किया और मैं डिसीजन लिया कि मैं बालटाल मार्ग के रास्ते जाऊंग सरस्वती भवन से 12जुलाई को रजिस्ट्रेशन बालटाल मार्ग के जरिए करवा के करवाया मेडिकल मेडिकल के लिए महाजन हॉल मैं जाने का टिकट मिला जहां कुछ पैसे खर्च हुए मेडिकल कराने में उसके बाद 13 तारीख की यात्रा की डेट मिली सभी मेडिकल और यात्रा का रजिस्ट्रेशन फॉर्म लेकर भाग भगवती नगर कैंप में पहुंचे है शाम को 4:00 बजे तक हम सभी बालटाल पहुंच जाते हैं जहां का मौसम देखते ही बनता था खूबसूरत पहाड़ों से गिरी हुई चारों तरफ से कैंप लगा हुआ था काफी सुंदर अनुभव था वह क्योंकि यात्रा क्योंकि यात्रा रोजाना सुबह 4:00 बजे आरंभ होती है इसलिए शाम को 4:00 बजे के बाद मुझे वही किसी कैंप में अपना स्थान लेना था तो मैं बालटाल से आगे की यात्रा शुरू होने की तरफ आगे बढ़ाने के स्थान पर आगे बढ़ता हूं वहां पर मुझे एक बाबा आनंदेश्वर की नाम से कैंट मिलता है यहां पर खाने खाने पीने की सुविधा तो लगभग सभी का आपको में है जहां पर खाने-पीने की सुविधा होने बिस्तर की सुविधा और गर्म पानी की सुविधा नहाने की सुविधा सारी सुविधा निशुल्क मुझे प्राप्त हो गई थी क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे एक रात के लिए मैं निशुल्क कैंप में ही सुबह 4:00 बजे गर्म पानी से नहा के बाबा का नाम लेकर एक बोतल पानी की जो की निशुल्क वितरण हो रहा था नाश्ता चाय पानी बस में मन में था कि बाबा के दर्शन करने के बाद ही अनाज खाऊंगा इसलिए एक बोतल पानी लिया और यात्रा पर निकल गया यात्रा शुरू की पुरी यात्रा में बहुत अच्छा आनंद का अनुभव हुआ खूब सुंदर नजारे थी बाबा के जयकारे थे चारों तरफ से जो हेलीकॉप्टर मुझे नीचे से यात्रा शुरू करते हैं टाइम दिखाई दे रहा था कि वह पहाड़ों को चीरता हुआ ऊपर निकल रहा है तो 4 घंटे चढ़ाई चढ़ने के बाद में देखता हूं कि वही हेलीकॉप्टर उसे वहां से यात्रा करते टाइम देख रहा हूं तो वह देख मुझे नीचे की तरफ से जाता हुआ दिखाई दे रहा है जैसे तैसे जय बाबा के जयकारे लगाते हुए वेबसाइट में बिना थोड़ा-थोड़ा आराम करते हुए रास्ते में पहुंचते हैं काली माता का मंदिर किसने काली मां की छवि पहाड़ पर दिखाई देती है बालटाल से और वहीं से बाबा की गुफा के पहले दर्शन मिलते हैं 15 july दिव्य दर्शन को आंखों में जो सब वह बिल्कुल बस चुका है वह समय इस समय मेरी आंखों में भोपाल सामने बाबा तीन किलोमीटर आगे बाबा की गुफा है पवित्र और सर के ऊपर मां काली के दर्शन वहां से 2 घंटे चलने के बाद पहुंच जाते हैं गुफा के पास सबसे एक बात वहां पर यह रही कि पार्सल जमा करने में 2 घंटे लगे और बाबा के दर्शन करने में एक घंटा बाबा के दर्शन के लिए लाइन में लग गया जैसे-जैसे सीढ़ियां चढ़ता जा रहा था एक्साइटमेंट बढ़ता जा रहा था मन उत्तेजित होता जा रहा था आपको इनाम हो गई पता नहीं है साथी गणेश जी मां पार्वती जी के भी शिव परिवार के पूरे दर्शन किए वहां पर गुफा के अंदर पहुंचती बूंद बूंद करके ऊपर से जल गिरता है जब आपके ऊपर तो भी आपको वह बहुत शक्ति का अनुभव करता है सेवादार से प्रसाद लिया कबूतरों के दर्शन किए वहां पर क्या कौन असली कबूतर है कौन वैसे तो सभी कबूतर अच्छे ही लग रहा था वहां पर आप देखेंगे की गुफा के अंदर हर कुछ कुछ कबूतर वहां पर उड़ते हुए दिखाई देंगे यह आपको सौभाग्य से दर्शन किए मैंने उनके भी वापस आया कुछ एक घंटा वहां पर बिताया उसके बाद लगभग इन सब चीजों में बाबा की दर्शन की है फिर बाहर बैठकर जगह को निहारा आसपास का वीडियो बनाया फिर उसके बाद 3:00 बजे लगता है वापसी के लिए निकल गया शाम को 7:00 बज गया उतारते उतारते वापस कैंप में आकर पर पूरी तरह से टूट चुके थे टिकट के लिए देखने के वासी का तो पता चला की फुल हो चुका है टिकट नहीं है सुबह 3:00 बजे बस जाती है यहां से वापसी के लिए तो बस यही था कि अब आपसे मैं किसी से लिफ्ट लेकर जाया जा सकता है या क्लोज हो चुके थे मुझे सही से याद नहीं है मैं एक टिकट लेने गया था लेकिन टिकट मुझे नहीं मिल पाया था तो मैं वापस आ गया था कब में उसके बाद इतना ज्यादा थक चुका था मैं की बस कुछ भोजन करने के बाद नाश्ता पानी करने के बाद तुरंत ही नींद आ गई और सो गया और सुबह आंख खुलती है 1:00 बजे 4 घंटे 3 घंटे की नींद पूरी करने के बाद 1:00 बजे लगभग बैग उठाकर मैं पहुंच जाता हूं सीधा बस स्टैंड बस स्टैंड पर यूपी उत्तर प्रदेश लखनऊ से हूं इसलिए मैं अप नंबर की बस देख रहा था कि मिल जाए कोई तो आ जाए एक बस दिखाई देती है यूपी की अलीगढ़ की थी तो मैं उनके साथ लिफ्ट लेकर मां वैष्णो देवी धाम आ जाता हूं पैसे कम होने के कारण मां वैष्णो देवी बाहर से ही हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं और वहां से जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पहुंच के रस 500 में लखनऊ की टिकट बनवा के वापस लखनऊ अपने घर आ जाता हूं क्योंकि मैं अपने जीवन की पहली अमरनाथ जी की यात्रा पूरी कर ली थी अगर आप भी वीडियो देख रहे हैं और अभी तक अमरनाथ जी नहीं गए तो प्लीज जरूर जाइए क्योंकि वहां से आने के बाद बहुत कुछ आपके जीवन में बदल जाता है पॉजिटिव एनर्जी वापस आ जाती है और नेगेटिव एनर्जी पूरी तरह से जा चुकी होती है जीवन में बहुत अच्छे बदलाव आते हैं हर हर महादेव हर हर भगवा
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