श्री कृष्ण कहते हैं। कितना रहोगे मत रो अब अब समय बदलना है
Автор: Sanatani Guru Gyan
Загружено: 2026-01-18
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कृष्णा… मुझे इस बात पर पूरा भरोसा है कि जब तक तुम साथ हो, तब तक मेरे पास सब कुछ है। इंसान कभी अपने कर्म से नहीं हारता, वह हारता है अपनी छोटी सोच और गलत व्यवहार से। जैसे पेड़ की टहनी काटने से पेड़ नहीं सूखता, लेकिन जड़ कट जाए तो पूरा पेड़ खत्म हो जाता है। वैसे ही इंसान की जड़ उसका चरित्र होता है।
श्रीकृष्ण कहते हैं – मैं सभी प्राणियों को समान दृष्टि से देखता हूँ, न कोई मुझे अधिक प्रिय है, न कोई कम। लेकिन जो प्रेम से मेरी भक्ति करते हैं, वे मेरे हृदय में बसते हैं और मैं उनके जीवन में प्रवेश करता हूँ।
राधा ने एक दिन कृष्ण से पूछा – प्रेम का असली अर्थ क्या है?
कृष्ण मुस्कुराए और बोले – जहाँ स्वार्थ होता है, वहाँ प्रेम नहीं होता। प्रेम वहाँ होता है जहाँ त्याग होता है।
प्रेम इंसान को कभी पराजित नहीं होने देता और घृणा इंसान को कभी जीतने नहीं देती। तक़दीर और मोहब्बत साथ नहीं चलते, क्योंकि जो तक़दीर में होते हैं उनसे प्यार नहीं होता और जिससे प्यार हो जाता है वो अक्सर तक़दीर में नहीं होता।
कृष्ण कहते हैं – उम्मीद दर्द तो देती है, पर इसी उम्मीद से इंसान जिंदा रहता है। बनावटी रिश्तों से अच्छा है कि इंसान अकेले रहना सीख ले। क्योंकि अकेलापन कभी धोखा नहीं देता।
समय बताने वाले बहुत मिलेंगे, लेकिन समय पर साथ देने वाले बहुत कम। ज़िंदगी में तूफान इसलिए आते हैं ताकि हमें पता चले कि कौन हाथ पकड़ता है और कौन हाथ छोड़ देता है।
ज़िंदगी बार-बार नहीं मिलती, इसलिए इसे गुस्से, नफ़रत और अहंकार में बर्बाद मत करो। जितना हो सके खुश रहो और दूसरों को भी खुश रखो। जो तुम्हें बार-बार दुख देता है, उसकी ज़िंदगी में अपनी अहमियत थोड़ी कम कर दो।
श्रीकृष्ण कहते हैं – सच सर्जरी जैसा होता है, दर्द देता है लेकिन राहत देता है। और झूठ पेनकिलर जैसा होता है, थोड़ी देर आराम देता है लेकिन बीमारी बढ़ा देता है।
एक जंगल में एक गर्भवती हिरणी थी। प्रसव का समय पास था। वह एक सुरक्षित जगह ढूँढ रही थी। तभी चारों ओर मुसीबतें आ गईं – एक तरफ आग, दूसरी तरफ नदी, सामने शिकारी और पीछे भूखा शेर। हिरणी डर गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने अपना ध्यान बच्चे को जन्म देने पर लगाया और बाकी सब ईश्वर पर छोड़ दिया।
अचानक बिजली गिरी, शिकारी का तीर शेर की ओर चला गया, बारिश हुई और आग बुझ गई। हिरणी ने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया।
दोस्तों, जब हालात हमारे खिलाफ हों और रास्ता न दिखे, तब घबराना नहीं चाहिए। उस समय हमें अपना कर्म करते रहना चाहिए और परिणाम ईश्वर पर छोड़ देना चाहिए।
श्रीकृष्ण कहते हैं – जब इंसान सही मार्ग पर होता है, तब मुश्किलें भी उसका रास्ता नहीं रोक सकतीं।
अपने व्यवहार में मिठास रखो, शब्दों में सच्चाई रखो और दिल में करुणा।
जीवन में वही आगे बढ़ता है जो अपने अंदर के अर्जुन को जगाकर हर दिन अपनी महाभारत खुद लड़ता है।
🙏जय श्री कृष्णा 🙏
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