बन बन के सहारे टूटते है (गुरुदेव मुजे केवल आपका ही प्यार चाहिए) श्री सुरेशानंदजी ध्यान।
Автор: Sant Asharamji Bapu Satsang
Загружено: 2018-03-22
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जो जितना बाहर से शांत होता है उसकी यात्रा उतनी ही गहरी होती जाती है भीतर बी ।
ओर भीतर जितना ऊंचा होते है बाहिय जीवन मे बी उतनी ऊंचाई प्राप्त होती है ।
गुरुदेव मुजे तो केवल आपका प्यार चाहिए ।
पपीहे को है मतलब ही क्या इन नदियों और तालाबों से ।
पूज्य बापूजी के मंगलमय दर्शन
🌹 मेरे दिल मे तुमने जो कुछ कर दिया है ।
जहर की जगह अमृत भर दिया है ।।
🌹 तुम्हे क्या बताऊँ कि तुम मेरे क्या हो ।
मेरी जिंदगी का तुम्ही आसरा हो ।।
🌹 तुम्ही ने बनाया ये जीवन हमारा ।
गुरुदेव मुझको देना सहारा ।।
🌹 ये माना कि दाता है तू हर जहां का ।
मगर झोली आगे फैलाऊँ तो कैसे ।।
🌹 जो पहेले दिया है वो ही कम नहीं है ।
उसे ही उठाने के काबिल नहीं हूं ।।
Повторяем попытку...
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