Ca(NO₃)₂ + NaOH - ? Double Displacement & Precipitation द्वि-विस्थापन एवं अवक्षेपण अभिक्रिया
Автор: ShikShalaya CBSE 9 - 12 Science and Chemistry
Загружено: 2026-03-13
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इस वीडियो में कैल्शियम नाइट्रेट (Ca(NO₃)₂) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के बीच होने वाली अभिक्रिया को समझाया गया है।
संतुलित रासायनिक समीकरण
Ca(NO₃)₂ + 2NaOH → Ca(OH)₂↓ + 2NaNO₃
अभिकारक (Reactants)
कैल्शियम नाइट्रेट – Ca(NO₃)₂
सोडियम हाइड्रॉक्साइड – NaOH
उत्पाद (Products)
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड – Ca(OH)₂ (बुझा हुआ चूना / Slaked Lime, सफेद अवक्षेप)
सोडियम नाइट्रेट – NaNO₃ (जल में घुलनशील लवण)
आयनों का विनिमय (Criss-Cross विधि)
जल में घुलने पर यौगिक आयनों में टूट जाते हैं:
Ca(NO₃)₂ → Ca²⁺ + 2NO₃⁻
NaOH → Na⁺ + OH⁻
इसके बाद आयन अपने स्थान बदलते हैं:
Ca²⁺ + OH⁻ → Ca(OH)₂
Na⁺ + NO₃⁻ → NaNO₃
इस प्रकार क्रिस-क्रॉस विधि द्वारा नए यौगिक बनते हैं।
यह द्वि-विस्थापन अभिक्रिया क्यों है
इस अभिक्रिया में दोनों यौगिकों के धनायन और ऋणायन आपस में स्थान बदलते हैं, इसलिए इसे द्वि-विस्थापन अभिक्रिया कहा जाता है।
यह अवक्षेपण अभिक्रिया क्यों है
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)₂) पानी में कम घुलनशील होता है और सफेद ठोस के रूप में नीचे बैठ जाता है, इसलिए इसे अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहा जाता है।
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