ycliper

Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
Скачать

बुढ़ापा सार्थक कैसे हो ?, ANIL SAHEB JI pravachan 9598380974

Автор: Anil Saheb

Загружено: 2019-10-16

Просмотров: 483026

Описание: 02 बुढ़ापा सार्थक कैसे हो , ANIL SAHEB JI pravachan

   • अनिल साहेब प्रवचन ANIL SAHEB PRVCHAN KABIR...  

kabir parakh sansthan prayagraj kabir satsang samaroh 2019
Facebook   / kabir-parakh-sansthan-pryagraj-47778803965...  

Website
https://www.kabirparakh.com

you tube
   • कबीर पारख संस्थान धर्मेंद्र साहेब जी PUJYA...  

SANT BHAJAN PARVACHAN LINK
   • Banat Banat Ban Jay, umendra saheb bhajan,...  

   • कबीर पारख संस्थान OTHERS VIDEO  

GURUSHARAN SAHU BHAJAN GAYAK
   • Chola mati ke he re, gurusharan sahu bhaja...  

ANIL PARVACHAN
   • बच्चो को संस्कार कैसे दे?,  Baccho ko  san...  

SADGURU ABHILASH SAHEB VIDEO PRVCHAN LINK
   • Плейлист  

संतप्रवर श्री अभिलाष साहेब
(17/08/1933 - 26/09/2012)
मानव मात्र ही नहीं प्राणी मात्र को अपने प्रेम के आयाम में समेट लेने वाले संत सम्राट सद्गुरु कबीर साहेब की परंपरा में परम पूज्य गुरुदेव संत श्री अभिलाष साहेब जी महान संतों में से एक हैं। सद्गुरु कबीर के पारख सिद्धांत को भारत में प्रचार-प्रसार करने में पूज्य गुरुदेव का अतुलनीय योगदान है। आपका जन्म उ0 प्र0 के जिला सिद्धार्थ नगर के खानतारा ग्राम में दिनांक 17 अगस्त 1933 तदनुसार भाद्र कृष्ण द्वादशी संवत 1990 दिन गुरुवार को हुआ।आपकी माता का नाम श्रीमती जगरानी देवी एवं पिता का नाम पं0 श्री दुर्गाप्रसाद शुक्ल जी जो एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पिता के सामाजिक व्यस्ततता के कारण आपकी विधिवत स्कुली शिक्षा नहीं हो पाई थी। आपने कक्षा एक में छह महीने तथा कक्षा दो में छह महीने की पढ़ाई की, किन्तु आपको किसी भी कक्षा में परीक्षा देने का अवसर नहीं मिला।
17 वर्ष की अवस्था में आप कबीरपंथ से परिचित हुए। आपने 21 वर्ष की अवस्था में गृहत्याग कर कबीर आश्रम बड़हरा, जिला गोंडा (उ0प्र0) के प्रसिद्ध महंत पूज्यपाद सद्गुरु श्री रामसूरत साहेब जी द्वारा साधुवेष की दीक्षा ली | कबीर पारख संस्थान इलाहाबाद के संस्थापक तथा बीजक व्याख्या, पंचग्रंथी टीका, योगदर्शन भाष्य, रामायण रहस्य, गीतासार, उपनिषद सौरभ, कबीर दर्शन, वेद क्या कहते हैं? कहत कबीर, धर्म को डुबाने वाला कौन?, ढ़ाई आखर, मोक्षशास्त्र, बूंद.बूंद अमृत, व्यवहार की कला आदि लगभग 100 प्रकार के सामाजिक, आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक ग्रंथों के यशस्वी लेखक हैं। आपकी ओजस्वी वाणी में भारतीय संस्कृति के ऋषि मनीषियों के उद्गार समाहित रहते हैं।
परम पूज्य गुरुदेव श्री अभिलाष साहेब जी की निर्मल वाणियों से सभी वर्ग के लाखों लोग मानवीय गरिमा को समझकर जहां व्यावहारिक जीवन को सुख.शांति पूर्वक जीने में सफल हुए हैं वहीं अनेक साधक साधनामय जीवन जीते हुए कल्याण की दिशा में अग्रसर हुए हैं।

कबीर
विक्रमी संवत 1455-1575
सन-1398-1518
कबीर साहेब सन 1399 ई0 में शिशु रूप में काशी के लहरताला तालाब में जनश्रुति के अनुसार नीरू.नीमा जोलाहा दंपत्ति को मिले और उन्हीं द्वारा पाले-पोषे गये। आप अपने छुटपन से ही प्रखर बुद्धि के एवं चिंतनशील थे। शायद आपने स्वामी श्री रामानंद को अपना गुरु माना हो, परंतु आपका अपना वास्तविक गुरु स्वयं का विवेक था। आप आजीवन ब्रह्मचारी एवं विरक्त संत के रूप में रहे। आपने सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीनों क्षेत्रों में आंदोलन किया। आपने मानव मात्र की एक जाति बताया, मानवता एक धर्म बताया तथा आत्मा को ही परमात्मा कहा। अपने आप पर संयम की कड़ाई तथा दूसरे प्राणियों के प्रति दया तथा प्रेम का बरताव - इन दोनों आचरणों को आपने अपने जीवन में उतारा तथा समाज को इसी की सीख दी। आपके व्यक्तित्व में कवि, सुधारक, क्रांतिकारी आदि अनेक रूप उभरे किन्तु आपका सबसे बड़ा रूप परमार्थ.लीन संत का है। इसीलिए आप भारतवर्ष में संत.शिरोमणि के रूप में मान्य हैं और आपका यह रूप विश्व में विख्यात है।
उनका मुख्य ग्रन्थ बीजक है, जिसकी अनेक टिकाएं उपलब्ध हैं, बीजक कबीर को एक बुद्धजीवी के रूप में प्रस्तुत करता है | उनके अंतिम दिन मगहर में आमी नदी के किनारे बीते | वे हिन्दू और मुस्लमान दोनों द्वारा पूज्य मने गए

KABIR
kabir saheb 1398-1518 A D
No authentic history of Kabir Saheb is available in historical texts. It is presumed he was born in 1398 AD in Lahartara of kashi, the present day Varanasi city of Uttar praesh in Northern India.As per prevalent among public it is said he was brought up by a muslim weaver couple named Niru and Nima in kashi.Kabir Saheb was fiercely intellectual and contemplative since his young age.Probably he opted Swami Ramanand, the orthodox Hindu monk of his time, as his guru but his own discretion was his true guru.He lived a life of a celibate and a devout saint all through out his life.

Не удается загрузить Youtube-плеер. Проверьте блокировку Youtube в вашей сети.
Повторяем попытку...
बुढ़ापा सार्थक कैसे हो ?, ANIL SAHEB JI pravachan 9598380974

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио

Похожие видео

भूत प्रेत लगता है तो क्या करें? श्री अनिल साहेब जी के विचार 95983 80974

भूत प्रेत लगता है तो क्या करें? श्री अनिल साहेब जी के विचार 95983 80974

अमीर कौन ? सुख की प्राप्ति कैसे हो ? किस सम्पत्ति का बटवारा नहीं होता ? संत श्री अभय साहेब जी

अमीर कौन ? सुख की प्राप्ति कैसे हो ? किस सम्पत्ति का बटवारा नहीं होता ? संत श्री अभय साहेब जी

चार दिन की जिंदगी - निर्गुण भजन | Nonstop Nirgun Geet | Chetawani Bhajan 2026 | Nirgun Bhajan 2026

चार दिन की जिंदगी - निर्गुण भजन | Nonstop Nirgun Geet | Chetawani Bhajan 2026 | Nirgun Bhajan 2026

सांसारिक जीवन में खुश कैसे रहें | Kabir Bijak | Sant Shri Dharmendra Saheb ji

सांसारिक जीवन में खुश कैसे रहें | Kabir Bijak | Sant Shri Dharmendra Saheb ji

ПОДЖЕЛУДОЧНАЯ СКАЖЕТ СПАСИБО! Ешьте эту кашу 2 раза в неделю | ОБЪЯСНЕНИЯ

ПОДЖЕЛУДОЧНАЯ СКАЖЕТ СПАСИБО! Ешьте эту кашу 2 раза в неделю | ОБЪЯСНЕНИЯ

8 वें भगवान श्रीकृष्ण के रूप में आये Ramashankar Saheb ki adbhut katha Kabirdas Ki Amrit vani 2026

8 वें भगवान श्रीकृष्ण के रूप में आये Ramashankar Saheb ki adbhut katha Kabirdas Ki Amrit vani 2026

गृहस्थ जीवन को स्वर्गमय बनाने का महामंत्र / Swarg Sa Sundar Ghr / सुख और शांति / Swami Ranjeet

गृहस्थ जीवन को स्वर्गमय बनाने का महामंत्र / Swarg Sa Sundar Ghr / सुख और शांति / Swami Ranjeet

बेटी और बहू के लिए स्पेशलिस्ट बातें परम पूज्य गुरुदेव संत श्री गौरव साहेब जी ने कहा है,,

बेटी और बहू के लिए स्पेशलिस्ट बातें परम पूज्य गुरुदेव संत श्री गौरव साहेब जी ने कहा है,,

कबीरवड: कबीरपंथियों का तीर्थ स्थल | Kabirvad: Pilgrimage site for Kabirpanthis | Yatindra Saheb

कबीरवड: कबीरपंथियों का तीर्थ स्थल | Kabirvad: Pilgrimage site for Kabirpanthis | Yatindra Saheb

14, ISWAR KYA HAI, SADGURU ABHILASH SAHEB, PRVACHAN, KABIR ASHRAM ALLAHABAD

14, ISWAR KYA HAI, SADGURU ABHILASH SAHEB, PRVACHAN, KABIR ASHRAM ALLAHABAD

निरोगी रहने के उपाय  संत श्री अनिल साहेब जी

निरोगी रहने के उपाय संत श्री अनिल साहेब जी

ध्यान किसका करें_सदगुरु अभिलाष साहेब

ध्यान किसका करें_सदगुरु अभिलाष साहेब

НАРОД, СР0ЧНО! РЕЧЬ ПЛАТОШКИНА 0ШАРАШИЛА ВСЮ Р0ССИЮ! КОШЕЛЬКИ ПОД УДАРОМ!

НАРОД, СР0ЧНО! РЕЧЬ ПЛАТОШКИНА 0ШАРАШИЛА ВСЮ Р0ССИЮ! КОШЕЛЬКИ ПОД УДАРОМ!

सुन्दर स्वभाव के लिए अपनाएं 4 आदतें -  RASHTRA SANT #ललितप्रभ #lalitprabh pravachan

सुन्दर स्वभाव के लिए अपनाएं 4 आदतें - RASHTRA SANT #ललितप्रभ #lalitprabh pravachan

भगवान कैसे भक्तों पर कृपा करते हैं ? | सच्ची घटना पर आधारित कथा  | Pujya Sadhvi Dr.Vishweshwari Devi

भगवान कैसे भक्तों पर कृपा करते हैं ? | सच्ची घटना पर आधारित कथा | Pujya Sadhvi Dr.Vishweshwari Devi

मन एकाग्र कैसे करें ! जानिए Meditation के बारे में ! ध्यान पर अद्भुत विचार !Sadguru Abhilash saheb

मन एकाग्र कैसे करें ! जानिए Meditation के बारे में ! ध्यान पर अद्भुत विचार !Sadguru Abhilash saheb

जीवन एक सफ़र है, चलना कैसे है?  साध्वी शिखा जी

जीवन एक सफ़र है, चलना कैसे है? साध्वी शिखा जी

चली जा रही है उमर धीरे धीरे #सदगुरु कबीर संदेश #भजन प्रवचन #पूज्य संत श्री गौरव साहेब जी

चली जा रही है उमर धीरे धीरे #सदगुरु कबीर संदेश #भजन प्रवचन #पूज्य संत श्री गौरव साहेब जी

घर को स्वर्ग कैसे बनायें। संत श्री अनिल साहेब जी

घर को स्वर्ग कैसे बनायें। संत श्री अनिल साहेब जी

धर्म क्या है? Sant Shri Rama Shankar Saheb ka pravachan

धर्म क्या है? Sant Shri Rama Shankar Saheb ka pravachan

© 2025 ycliper. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]