क्या हम वही हैं जो बचपन में थे? मिलिन्द प्रश्न दीये की लौ और दूध का उदाहरण EP 39 Mil 2.2.1
Автор: Divyang khatri
Загружено: 2026-01-16
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क्या हम वही हैं जो बचपन में थे? | मिलिन्द प्रश्न Chapter 2 | Na Ca So Na Ca Anno
Milinda Panha Ch-2: धम्मसंतति प्रश्न (Dhammasantati) | दीये की लौ और दूध का उदाहरण
** न च सो न च अञ्ञो (न वही, न दूसरा) | King Milinda & Nagasena Dialogue | Addhānavaggo
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आज के इस वीडियो में हम *मिलिन्द प्रश्न (Milinda Panha)* के *दूसरे अध्याय (Chapter 2 - Addhānavaggo)* की शुरुआत कर रहे हैं। हमने Chapter 1 पर पहले ही विस्तार से चर्चा कर ली है, और अब हम भंते नागसेन और राजा मिलिन्द के बीच के गहरे संवाद को आगे बढ़ाएंगे [1]।
यह वीडियो *दिव्यांग खत्री (Divyang Khatri)* के सहयोग से संभव हो पाया है [1]।
*📌 इस वीडियो में आप जानेंगे:*
इस वीडियो में 'धम्मसंतति प्रश्न' (Dhammasantati Panha) पर चर्चा की गई है, जहाँ राजा मिलिन्द पूछते हैं: "जो पैदा होता है, क्या वह वही रहता है या कोई और हो जाता है?" [1]
भंते नागसेन इसका उत्तर देते हैं: *"न च सो, न च अञ्ञो"* (न तो वह वही है, और न ही वह दूसरा है) [1, 2]। इसे समझाने के लिए उन्होंने तीन प्रमुख उदाहरण दिए हैं:
1. *बचपन और बुढ़ापा:* क्या जो बच्चा पालने में था, वही अब बड़ा होकर राजा है? शरीर बदलता है, लेकिन जीवन की निरंतरता (continuity) एक ही शरीर पर आधारित है [1]।
2. *दीये की लौ (Lamp Flame):* जैसे रात के पहले पहर में जलने वाली लौ और अंतिम पहर में जलने वाली लौ अलग होकर भी एक ही दीये पर आश्रित होती है, वैसे ही 'धम्मसंतति' (धर्म की निरंतरता) चलती है [2]।
3. *दूध से घी (Milk to Ghee):* जैसे दूध से दही, दही से मक्खन और मक्खन से घी बनता है। हम न तो यह कह सकते हैं कि घी ही दूध है, और न ही यह कि वे पूरी तरह अलग हैं [3]।
इस अद्भुत दर्शन को समझने के लिए वीडियो को अंत तक देखें।
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