अमावस पुण्य तिथि पर गंगा स्नान पर्व उमड़ी लोगो की भीड़।। Dally vlog🙏आज मेरे घर आए शरणार्थी
Автор: POORNIMA JAISWAI
Загружено: 2026-02-06
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मौनी अमावस्या का स्नान कैसे करें माघ मेला 2026 प्रयागराज || Mauni Amavasya magh Mela 2026 #prayagraj
मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है. मौनी शब्द का अर्थ है मौन यानी चुप रहने से संबंधित है. इसे मौन रहने और आत्मचिंतन के लिए विशेष दिन माना जाता है. मौनी अमावस्या के दिन नदियों में स्नान और दान धर्म आदि के कार्य करने से पापों का प्रायश्चित हो जाता है.
माघ मेला 2026 प्रयागराज में 3 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक चला, जिसमें 44 दिनों की अवधि में कुल छह प्रमुख स्नान पर्व थे, जो मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण दिनों पर पड़े, जहाँ लाखों श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं, जिससे पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है।
माघ मेले की मुख्य बातें:
अवधि: 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 (44 दिन)।
स्थान: प्रयागराज (त्रिवेणी संगम)।
महत्व: संगम स्नान से पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
छह प्रमुख स्नान पर्व (2026):
पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी, शनिवार
मकर संक्रांति: 14/15 जनवरी, गुरुवार (तारीख में थोड़ा अंतर है, पर 14-15 जनवरी ही मुख्य है)
मौनी अमावस्या: 18 जनवरी, रविवार
बसंत पंचमी: 23 जनवरी, शुक्रवार
माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी, रविवार
महाशिवरात्रि (समापन): 15 फरवरी, रविवार
कल्पवास:
इस दौरान भक्त एक महीने तक संगम किनारे रहकर साधना, स्नान और संयम का पालन करते हैं, जिसे कल्पवास कहते हैं।
यह मेला सनातन धर्म का एक बड़ा आयोजन है जिसमें लोग अध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए आते हैं।
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