मेरी रूह के परिन्दे | तू क्यों बेचैन रहता है? | Kabir Bhav Nirgun Bhajan | Inner Awakening
Автор: Divy nirgundhara
Загружено: 2026-01-16
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Описание:
मेरी रूह के परिन्दे एक गहरा और भावपूर्ण निर्गुण कबीर भाव भजन है, जो मनुष्य को भीतर झाँकने के लिए प्रेरित करता है।
यह भजन हमें याद दिलाता है कि जिसे हम दुनिया की भीड़ में ढूँढते फिरते हैं,
वह प्रभु तो हमारे अंदर ही निवास करता है।
धन-दौलत, भागदौड़ और झूठी शान में उलझा मन जब बेचैन हो जाता है,
तब यह भजन आत्मा की आवाज़ बनकर कहता है —
“तू ज़रा उसकी सुन ले, जो तेरे अंदर रहता है।”
यह भजन
✔️ आत्मचिंतन
✔️ आंतरिक शांति
✔️ कबीर साहब के निर्गुण ज्ञान
का सुंदर संदेश देता है।
🙏 एक बार मन से ज़रूर सुनें
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