Kaise Tujhe Chahun | Rohit Mandal | Ai series
Автор: Ai-Series
Загружено: 2026-01-21
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Описание:
(Verse 1)
सर्द रातों में, तेरी बाहों का घेरा
ढूँढता है दिल, बस एक तेरा सवेरा
गर नसीब होता, तुझे घर ले जाता
दर्द ये पुराना, वहीं भूल आता
(Pre-Chorus)
जब नींदों में तेरे, पाँव मुझसे उलझते हैं
हम ख़्वाबों की लोरी, चुपके से बुनते हैं
मगर फासला है, और मजबूरियां हैं
मेरे हिस्से में बस, ये दूरियां हैं
(Chorus)
दिल मेरा बिखरा है, कैसे तुझे चाहूँ?
इस टूटे घर में, कैसे तुझे लाऊँ?
सुबह तेरा नाम, और रात तेरी साँसें
तुझपे ही खत्म मेरी सारी बातें
हाँ, दिल मेरा बिखरा है, कैसे तुझे चाहूँ?
(Verse 2)
झूमती रातों की वो झूठी सी मस्ती,
इन वीरान आँखों में अब तू ही है बसती।
मेरी हर साँस में, बस एक राहत तू,
जो नींद ले आए, वो मीठी आहट तू।
(Bridge)
मैं महसूस करता हूँ, तेरे हर एक आँसू को
अपनी रूह में बसता, तेरी उस खुशबू को
गर मैं रोक पाता, इस वक़्त की धार को
तो पा लेता हमेशा, तेरे इस प्यार को
(Chorus)
दिल मेरा बिखरा है, कैसे तुझे चाहूँ?
इस टूटे घर में, कैसे तुझे लाऊँ?
सुबह तेरा नाम, और रात तेरी साँसें
तुझपे ही खत्म मेरी सारी बातें
हाँ, दिल मेरा बिखरा है, कैसे तुझे चाहूँ?
(Outro)
सर्दी लगेगी तो... तुझे पास रखूँगा
तुझे थाम कर... घर ले चलूँगा
हाँ, घर ले चलूँगा...
(गुनगुनाहट के साथ धीरे-धीरे समाप्त)
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