नकली इंजन ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, देखने में लगता था हूबहू असली
Автор: SANSANI OF INDIA (सनसनी ऑफ़ इंडिया)
Загружено: 2022-08-10
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विजय कुमार दिवाकर
एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल क्राइम ब्रांच सनलाइट कॉलोनी की टीम ने नकली इंजन आॅयल बनाने वाले एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जो ब्रांडेड लूबरीकेटिंग इंजन ऑयल बनाने वाली कंपनियों की हुबहू पैंिकंग में नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल भरकर पेट्रोल पंपों व मोटर मैकेनिकों की दुकानों पर सप्लाई करता था। क्राइम ब्रांच ने फैक्ट्री ओनर सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान विवेक त्यागी, मोनू कुमार, कमल, गौतम, राजेश, अनिल कुमार और सत्येंद्र के रूप में हुई है। विवेक त्यागी फैक्ट्री का ओनर है। जबकि बाकी सभी आरोपी फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस ने फैक्टरी से नकली तेल से भरे पांच ड्रम, नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल से भरे कैस्ट्रोल, बॉश व सर्वो कंपनी के एक लीटर वाले हजारो डिब्बे व पाउच, ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर प्रिन्टिट खाली प्लास्टिक कंटेनर, पाऊच, नकली स्टीकर, एक आटोमेटिक बड़ी सीलिंग मशीन, एक मैनुअल छोटी सीलिंग मशीन व पैकिंग मैटेरियल बरामद किया गया है।
दिल्ली एनसीआर कें कुछ पैट्रोल पम्पो व मोटर मैकेनिकों की दुकानो सेे ब्रांडेड कंपनियों के लुब्रिकेटिंग इंजन आयल बाइक, कार व ट्रक के इंजन में डलवाने के बाद इंजनो के खराब होने की शिकायते अचानक बढ़ गई थी।
यह खबर उड़ती उड़ती क्राइम ब्रांच सनलाइट कॉलोनी में तैनात हैड कांस्टेबल गुरुविंदर तक भी पहुंची।
हैड कांस्टेबल गुरुविंदर ने यह जानकारी इंस्पेक्टर अमित प्रकाश के साथ शेयर की।
इंस्पेक्टर अमित प्रकाश ने हैड कांस्टेबल गुरुविंदर की जानकारी को गंभीरता से लेते हुए उन पैट्रोल पम्पों व मोटर मैकेनिकों की दुकानों की लिस्ट तैयार की जहां से ब्रांडेड कंपनियों के लुब्रिकेटिंग इंजन आयल डलवाने के बाद बाइक, कार व ट्रक के इंजनों के खराब होने की शिकायतें आ रही थी।
सच्चाई जानने के लिए इंस्पेक्टर अमित प्रकाश खुद सादी वर्दी में ग्राहक बनकर सस्पेक्ट पैट्रोल पम्पो व मोटर मैकेनिकों की दुकानों पर गये और वहां से नकली कैस्ट्रोल लुब्रिकेटिंग इंजन आयल का एक डिब्बा व कैस्ट्रोल की आथोरिज शाॅप से भी असली कैस्ट्रोल लुब्रिकेटिंग इंजन आयल का एक एक डिब्बा व कुछ पाउच खरीदे।
नकली कैस्ट्रोल लुब्रिकेटिंग इंजन आयल के डिब्बे व असली कैस्ट्रोल लुब्रिकेटिंग इंजन आयल के डिब्बे की हुबहु पैकिंग को देखकर इंस्पेक्टर अमित प्रकाश भी चकमा खा गये।
इंस्पेक्टर अमित प्रकाश ने कैस्ट्रोल लुब्रिकेटिंग इंजन आयल के असली और नकली डिब्बो को उलटपुलट के देखा तो एक बहुत बड़ा सुराग उनकी पकड़ में आ गया। सुराग था डिब्बे पर प्रिन्ट बारकोड। असली डिब्बे पर बारकोड गहरा और क्लीर था जबकि नकली डिब्बे पर बारकोड धूंधला था।
इंस्पेक्टर प्रकाश ने असली और नकली डिब्बों पर प्रिन्ट बारकोड को स्कैन किया तो ब्रांडेड लूबरीकेटिंग इंजन ऑयल के नाम पर नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल बनाने वाले एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ कर दिया।
इंस्पेक्टर अमित प्रकाश चाहते तो जिस मोटर मैकेनिक की दुकान से नकली कैस्ट्रोल लुब्रिकेटिंग इंजन आयल का डिब्बा खरीदा था उस दुकानदार को नकली माल बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर मामले को बंद कर सकते थे लेकिन ऐसा करने से दिल्ली एनसीआर में नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल बिकना बंद नहीं हो पाता।
इंस्पेक्टर अमित प्रकाश अच्छी तरह से जानते थे की अगर मोटर मैकेनिक के किसी एक भी दुकानदार से सीधे नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल के बारे में पूछताछ की तो नकली इंजन आयल बनाने वाला गैंग अलर्ट हो सकता है।
इसलिए इंस्पेक्टर अमित प्रकाश ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल बनाने वाले पुरे गैंग को दबोचने की योजना बनाई।
पूरे गैंग को दबोचने का एक ही रास्ता था वो था स्पलायर। इंस्पेक्टर अमित प्रकाश जानते थे की सस्पेक्ट दुकानों पर नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल की स्पलाई देने कोई न कोई स्पलायर तो जरूर आता होगा। अगर उस स्पलायर का पीछा किया जाये तो नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल के गोदाम या फैक्टरी का पता चल सकता है।
इंस्पेक्टर अमित प्रकाश ने सस्पेक्ट दुकानों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिस वालों को तैनात कर दिया। ताकि सप्लायर कभी भी सप्लाई देने आये उसका पीछाकर ठिकाने का पता लगाया जा सके।
आखिरकार इंस्पेक्टर अमित प्रकाश की योजना कामयाब हो गई। कुछ दिन के इंतजार के बाद सस्पेक्ट दुकानों पर एक सप्लायर ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल की सप्लाई देने आया।
टीम ने सादी वर्दी में सस्पेक्ट सप्लायर का पीछा करना शुरू कर दिया। दिन भर अलग अलग दुकानों पर सप्लाई देने के बाद सप्लायर गांव खेरा खुर्द मेे एक काले गेट वाले गोदाम पर पहुंचा। टीम ने इलाके की रैकी की तो पता चला की इसी काले गेट के अन्दर नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल बनाने की फैक्टरी है।
नकली लुब्रिकेटिंग इंजन आयल बनाने की फैक्टरी का पता मिलते ही आरोपियों को दबोचने के लिए डीसीपी क्राईम राजेश देव ने सुशील कुमार एसीपी की सुपरविजन व इंस्पेक्टर अमित प्रकाश के नेतृत्व में एसआई राम कुमार, नरेश कुमार, मनोज कुमार, राम चरण, एएसआई रोहित कुमार, तलीम, योगेन्द्र कुमार, प्रविन, हैड कांस्टेबल गुरूविन्दर, सोमेश, तेज प्रताप व कांस्टेबल अनुज की एक टीम का गठन किया।
टीम ने प्लॉट नंबर 816, खेड़ा खुर्द, दिल्ली में छापेमारी कर फैक्टरी मालिक 37 वर्षीय विवेक त्यागी के साथ फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम कर रहे 30 वर्षीय मोनू, 20 वर्षीय कमल, 28 वर्षीय गौतम, 21 वर्षीय राजेश, 27 वर्षीय अनिल कुमार व 25 वर्षीय सत्येंद्र कुमार को भी मौके से दबोच लिया।
मुख्य आरोपी विवेक त्यागी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला है और दोनों पैर से दिव्यांग है। ये पहले आयल कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। वहीं से इसने डुप्लीकेट लुब्रिकेंट के धंधे के बारे में जाना। बाद में इसने खुद का काम शुरू कर दिया। ये मुंडका के अपने जानकार उमेश जैन से उपयोग किया हुआ कच्चा तेल खरीदता था।
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