‘राजनीतिक प्रमाणपत्र से तय नहीं होता शंकराचार्य’— स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का तीखा बयान।
Автор: EXPOSED NEWS
Загружено: 2026-02-14
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वाराणसी
सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद शंकराचार्य की परिभाषा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं, बल्कि सनातन परंपरा की धार्मिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया से तय होती है।
वाराणसी में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन धर्म की परंपराओं और शास्त्रीय मर्यादाओं से निर्धारित होता है। इसे सरकार या किसी राजनीतिक मंच से तय करने की बात परंपरा के विरुद्ध है।
उन्होंने विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच से धार्मिक पदों पर टिप्पणी को भी अनुचित बताया। उनका कहना था कि धर्म और राजनीति की अपनी-अपनी सीमाएं हैं और दोनों के दायरे का सम्मान होना चाहिए।
बाइट – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद:
“शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं होती। यह सनातन परंपरा की आध्यात्मिक प्रक्रिया से तय होता है। सरकार यदि इसे तय करने की बात करती है तो यह परंपरा के खिलाफ है।”
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ा जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के “योगी” होने पर सवाल खड़े किए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह सवाल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि शास्त्रीय और परंपरागत है।
उन्होंने कहा कि गोरखनाथ परंपरा में योगी का राजसत्ता ग्रहण करना मर्यादा के विरुद्ध माना गया है। उनका कथन था— “राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी दोबारा राजा नहीं बनता।”
स्वामी ने कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहन लेने से कोई योगी नहीं हो जाता, योग साधना, त्याग और आचरण से सिद्ध होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने और महंत चयन की प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठाए, हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष पर सीधा आरोप लगाने से इनकार किया।
प्रयागराज में हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना था कि निरपराध बच्चों, महिलाओं और वृद्धों पर बल प्रयोग की खबरें सामने आई हैं, जिन पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह सब एक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं, उनका खुद का आपराधिक इतिहास रहा है।
उन्होंने कहा कि गौ रक्षा और गौ हत्या के विरोध में सक्रिय रहने के कारण उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उनके शब्दों में— “यह संघर्ष विचारधारा का है, न कि व्यक्तिगत टकराव का।”
सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा ईश्वर पर भरोसे से मिलती है। #breakingnews #crime #follow #followers #highlights #उत्तरप्रदेश #police #aligarh #अलीगढ़ #वाराणसी #varanasi
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