Therapeutic Nutrition for Peptic Ulcer Management
Автор: Garden Globe
Загружено: 2026-02-17
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पेप्टिक अल्सर क्या है? पेप्टिक अल्सर जठरांत्र संबंधी मार्ग (gastrointestinal tract), विशेष रूप से पेट और ग्रहणी (duodenum) के म्यूकोसल अस्तर के ऊतकों का क्षरण या टूटना है। यह तब होता है जब पाचन तंत्र में सुरक्षात्मक कारक और विनाशकारी कारक (जैसे हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पेप्सिन) के बीच संतुलन बिगड़ जाता है।
मुख्य कारण और कारक:
• H. pylori संक्रमण: यह म्यूकोसल सुरक्षा को नुकसान पहुँचाता है और अल्सर के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाता है।
• जीवनशैली और आहार: तनाव, शराब, कैफीन, मसाले, तंबाकू और सिगरेट पीना इसके प्रमुख कारण हैं।
• दवाएं: एस्पिरिन और अन्य नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (NSAIDs) का अत्यधिक उपयोग पेट की परत को नुकसान पहुँचा सकता है।
• शारीरिक कारक: गैस्ट्रिक एसिड का अधिक स्राव और पेट खाली होने की दर में वृद्धि भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।
लक्षण और जटिलताएं: पेप्टिक अल्सर के मुख्य लक्षणों में पेट खाली होने पर तेज दर्द, जलन और भूख का अहसास शामिल है, जो अक्सर भोजन करने से ठीक हो जाता है। यदि इसका इलाज न किया जाए, तो यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव, छिद्र (perforation), और एनीमिया जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
पोषण संबंधी प्रबंधन (Nutritional Management): उपचार का उद्देश्य लक्षणों को कम करना, एसिड स्राव को नियंत्रित करना और ऊतकों के उपचार को बढ़ावा देना है।
• आहार योजना: भोजन को छोटे-छोटे हिस्सों में दिन में कई बार (जैसे 6 बार) खाना चाहिए ताकि पेट अधिक न भरे।
• क्या खाएं और क्या न खाएं: उच्च प्रोटीन (जैसे अंडे, मांस, मछली) ऊतकों के पुनर्जनन में मदद करते हैं, जबकि वसायुक्त और तले हुए भोजन से बचना चाहिए। अत्यधिक दूध के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह एसिड उत्पादन को उत्तेजित कर सकता है।
• परहेज: शराब, कैफीन, काले और लाल मिर्च जैसे मसालों और धूम्रपान से पूरी तरह बचना चाहिए
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