ycliper

Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
Скачать

श्री राज जी से क्या मांगे ? श्री राजन स्वामी जी

Автор: SPJIN

Загружено: 2024-06-20

Просмотров: 9289

Описание: श्री राज जी से क्या मांगे ?
श्री राजन स्वामी जी
स्थान- दाहोद जिला, उमरिया गांव (गुजरात)
परमात्मा से हम सच्ची ज्ञान, प्रेम, और धैर्य की याचना करें। आत्मा की जागृति के लिए हमें ध्यान, साधना और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा चाहिए। आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार के लिए ईश्वर से मार्गदर्शन और आंतरिक शांति का वरदान मांगना चाहिए। इससे हमारी आत्मा प्रबुद्ध होगी और हम अध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करेंगे।
-ChatGPT
Please subscribe to our channel at: https://goo.gl/maqz3p

PS: Please Don't Forget to SUBSCRIBE to our "SPJIN" channel for an abundant wealth of spiritual discourses, devotional music and thought-provoking discussions. Widen your knowledge on Supreme Truth God, True Master (Satguru), True purpose of life, Jeeva & Soul, Meditation, Moral ethics and more. New videos are added regularly. So Keep watching, learning and sharing. Pranam Ji.

नोट: कृपया हमारे "SPJIN" चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें (आप यहाँ क्लिक करके सब्सक्राइब करें - https://goo.gl/maqz3p) । आध्यात्मिक चर्चा, भजन - कीर्तन के इस अपार सागर रुपी चैनल के द्वारा आत्मा - परमात्मा, सतगुरु, मानव जीवन के परम लक्ष्य, ध्यान - समाधि, नैतिक मूल्यों आदि विषयों में अपना ज्ञान और बढ़ाएं । यहाँ पर नए वीडियो नियमित रूप से अपलोड होते रहते हैं । तो देखते रहिये , सीखते रहिये व दूसरों के साथ शेयर भी करते रहिये । प्रणाम जी ।

Social Links (Please FOLLOW & LIKE) -
Facebook:   / shri.rajan.swami  
Facebook:   / shri.prannath.jyanpeeth  
Twitter:   / raajanswami  
Website: https://www.spjin.org
Email: [email protected]
WhatsApp: +91-7533876060

Thanks for watching the video. Please SUBSCRIBE and press the Bell icon.

Find more about us at:
https://www.spjin.org

श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ के मुख्य उद्देश्य -
ज्ञान, शिक्षा, उच्च आदर्श, पावन चरित्र व भारतीय संस्कृति का समाज में प्रचार करना तथा वैज्ञानिक सिद्धांतो पर आधारित आध्यात्मिक मूल्य द्वारा मानव को महामानव बनाना और श्री प्राणनाथ जी की ब्रम्हवाणी के द्वारा समाज में फ़ैल रही अंध-परम्पराओं को समाप्त करके सबको एक अक्षरातीत की पहचान कराना।

अति महत्वपूर्ण नोट :-
यह पंचभौतिक शरीर हमेशा रहने वाला नहीं है।
प्रियतम परब्रह्म को पाने के लिये यह सुनहरा अवसर है।
अतः बिना समय गवाएं उस अक्षरातीत पाने के लिये प्रयास करना चाहिये।

Free e-Books to Download related to Shri Tartam Vani and Chitwani, also you can order books in Print copies from Shri Prannath Gyanpeeth, Sarsawa (+91 70881 20381).

1. परिकरमा + सागर + सिनगार + खिलवत टीका
https://www.spjin.org/assets/files/pa...
https://www.spjin.org/assets/files/sa...
https://www.spjin.org/assets/files/si...
https://www.spjin.org/assets/files/kh...

2. NIJANAND YOG (निजानन्द योग) - Collection of 60 Invaluable FAQs
https://www.spjin.org/assets/files/ni...

3. CHITWANI MARGDARSHAN (चितवनि मार्गदर्शन) - Smallest and Best ever Pocket Guide to Meditation
https://www.spjin.org/assets/files/ch...

4. DHYAN KI PUSHPANJALI (ध्यान की पुष्पाञ्जलि) - Detailed Question-Answer Sessions transcribed in this unique pearl of spiritual wisdom
https://www.spjin.org/assets/files/dh...

आत्मिक दृष्टि से परमधाम, युगल स्वरुप तथा अपनी परआत्म को देखना ही चितवनि (ध्यान) है। चितवनि के बिना आत्म जागृति संभव नहीं है। संसार की अब तक की प्रचलित सभी ध्यान पद्धतियाँ निराकार-बेहद से आगे नहीं जाती हैं। तारतम ज्ञान के प्रकाश में मात्र निजानन्द योग ही परमधाम ले जा सकता है।

प्रियतम अक्षरातीत की चितवनि में इतना आनन्द है कि उसके सामने संसार के सभी सुख मिलकर भी कहीं नहीं ठहरते। यही कारण है कि ध्यान का आनन्द पाने के लिये ही राजकुमार सिद्धार्थ, महावीर, भर्तृहरि आदि ने अपने राज-पाट को छोड़ दिया और वनों में ध्यानमग्न रहे।

बेहद मण्डल - इस प्राकृतिक जगत् से परे वह बेहद मण्डल है, जिसे योगमाया का ब्रह्माण्ड कहते हैं। चारों वेदों में इसे चतुष्पाद विभूति के रूप में वर्णित किया गया है। इस मण्डल में अक्षर ब्रह्म के चारों अन्तःकरण (मन, चित, बुद्धि तथा अहंकार) की लीला होती है, जिन्हें क्रमशः अव्याकृत, सबलिक, केवल और सत्स्वरूप कहते हैं।

परमधाम - बेहद मण्डल से परे वह स्वलीला अद्वैत परमधाम है, जिसके कण-कण में सच्चिदानन्द परब्रह्म की लीला होती है। यह अनादि है, अनन्त है और सच्चिदानन्दमय है। जिस प्रकार सागर अपनी लहरों से तथा चन्द्रमा अपनी किरणों लीला करता है, उसी प्रकार अक्षरातीत भी अपनी अभिन्न स्वरूपा अंगरूपा आत्माओं के साथ अद्वैत लीला करते हैं, जो अनादि है और इसमें कभी अलगाव नहीं होता है।

वेदों ने इसी परमधाम के सम्बन्ध में “त्रिपादुर्ध्व उदैत्पुरुष” अर्थात् परब्रह्म योगमाया से परे है, कहकर मौन धारण कर लिया। मुण्डकोपनिषद् ने भी 'दिव्य ब्रह्मपुर' शब्द का प्रयोग तो किया, किन्तु उसे बेहद मण्डल (केवल ब्रह्म) में मान लिया। कुरआन में मेयराज के वर्णन के द्वारा संकेत किये जाने पर भी मुस्लिम जगत अभी इसकी वास्तविकता से बहुत दूर है।

श्री प्राणनाथजी की अलौकिक तारतम वाणी में इस परमधाम की शोभा, लीला एवं आनन्द का विशद रूप में वर्णन किया गया है, जिसका सुख किसी सौभाग्यशाली को ही प्राप्त होता है।

Не удается загрузить Youtube-плеер. Проверьте блокировку Youtube в вашей сети.
Повторяем попытку...
श्री राज जी से क्या मांगे ? श्री राजन स्वामी जी

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио

Похожие видео

सुख के निधान/ (श्री राजन स्वामी जी)

सुख के निधान/ (श्री राजन स्वामी जी)

सोहागिन आत्माओं की रहनी

सोहागिन आत्माओं की रहनी

श्री राज हमारे हैं #प्रणामी #प्राणनाथ

श्री राज हमारे हैं #प्रणामी #प्राणनाथ

निजानन्द समाज श्री राजन स्वामी जी प्रश्नों का समाधान।

निजानन्द समाज श्री राजन स्वामी जी प्रश्नों का समाधान।

#किसी का दिल ना दुखाए 💔🤗😢

#किसी का दिल ना दुखाए 💔🤗😢

सिद्धियोग Vs. AI, ये शक्ति Control Karegi? | 10G Consciousness | Live with Ganpat Gahlot

सिद्धियोग Vs. AI, ये शक्ति Control Karegi? | 10G Consciousness | Live with Ganpat Gahlot

Spjin ❤️ पूज्य श्री राजन स्वामी जी वाणी चर्चा समारोह श्री प्राणनाथ मन्दिर बड़ाखुटाजा गुजरात

Spjin ❤️ पूज्य श्री राजन स्वामी जी वाणी चर्चा समारोह श्री प्राणनाथ मन्दिर बड़ाखुटाजा गुजरात

प्रेम करने योग्य केवल एक परमात्मा।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी।।@SPJIN

प्रेम करने योग्य केवल एक परमात्मा।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी।।@SPJIN

अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप | एक परब्रह्म की उपासना | @shrirajanswami @SPJIN

अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप | एक परब्रह्म की उपासना | @shrirajanswami @SPJIN

श्री तारतम वाणी - Shri Prannath Ji - Shri Rajan Swami Ji @SPJIN

श्री तारतम वाणी - Shri Prannath Ji - Shri Rajan Swami Ji @SPJIN

परात्म की जागृति | (श्री राजन स्वामी जी)

परात्म की जागृति | (श्री राजन स्वामी जी)

देहरोग, भवरोग, मनोरोग व आत्मरोग |रोग के चार स्तर |Spiritual Understanding@shrirajanswami @SPJIN

देहरोग, भवरोग, मनोरोग व आत्मरोग |रोग के चार स्तर |Spiritual Understanding@shrirajanswami @SPJIN

निजधाम की रूहें हैं हम, श्री राज हमारे खसम👣🙏 (सुंदर भजन) । Nijdham ki roohen hain hum, Shri raj...

निजधाम की रूहें हैं हम, श्री राज हमारे खसम👣🙏 (सुंदर भजन) । Nijdham ki roohen hain hum, Shri raj...

माया के कष्टों से कौन बचा सकता है ? ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN

माया के कष्टों से कौन बचा सकता है ? ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN

जागनी का सुख - मन को जीते Vani Charcha by Sri Rajan Swami Ji - Rajan Swami Charcha - SPJIN

जागनी का सुख - मन को जीते Vani Charcha by Sri Rajan Swami Ji - Rajan Swami Charcha - SPJIN

प्राणनाथ जी कौन है 🤔🙋❓

प्राणनाथ जी कौन है 🤔🙋❓

मनुष्य तन की शक्ति: परमात्मा की प्राप्ति | Shri Prannath Ji | Shri Rajan Swami Ji | @SPJIN

मनुष्य तन की शक्ति: परमात्मा की प्राप्ति | Shri Prannath Ji | Shri Rajan Swami Ji | @SPJIN

दुख तो हमारो आहार है😢【 वाणी भजन】. dukh to hmaro aahar hai. औरन को दुःख खाय

दुख तो हमारो आहार है😢【 वाणी भजन】. dukh to hmaro aahar hai. औरन को दुःख खाय

अहंकार क्या है और इसे कैसे समाप्त किया जाय ?| श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ, सरसावा

अहंकार क्या है और इसे कैसे समाप्त किया जाय ?| श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ, सरसावा

श्रीजी साहेबजी महेरबान

श्रीजी साहेबजी महेरबान

© 2025 ycliper. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]