ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी मानसिक स्वास्थ्य का त्रिकुट समाधान
Автор: Adiwasi Tau: Herbalist, Homeopath & Counselor
Загружено: 2025-05-28
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आज मस्तिष्क को ताजगी देने वाली धरती की तीन अनमोल वनस्पतियों की चर्चा करते हैं।
क्या कभी आपने खुद से पूछा है कि थका हुआ दिमाग आखिर कैसे ऊर्जा पाए? क्या मानसिक थकान, तनाव और स्मृति भ्रम को केवल दवाइयों से ही ठीक किया जा सकता है? या प्रकृति के पास कोई शांत, सच्चा और सुरक्षित उपाय भी है?
मन की शक्ति, मस्तिष्क की स्पष्टता और भावनाओं की स्थिरता—ये तीनों अगर बिगड़ जाएं, तो जीवन बिखरने लगता है और इन्हीं तीनों को संतुलित रखने का एक चमत्कारी त्रिकुट है—ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी का संगम।
ब्राह्मी यानी Bacopa monnieri को बुद्धि वर्धक कहा गया है। जिसका चित्र देखें। यह मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को पुनर्जीवित करती है, एकाग्रता को तेज करती है और सीखने की क्षमता को बढ़ाती है। आधुनिक शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि ब्राह्मी मस्तिष्क में डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे रसायनों को संतुलित करके चिंता और तनाव को कम करती है। सन 2012 में भारत के लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक नियंत्रित अध्ययन में यह देखा गया कि नियमित ब्राह्मी सेवन से विद्यार्थियों में याददाश्त और ध्यान क्षमता में 20% से अधिक की वृद्धि हुई।
दूसरी ओर है अश्वगंधा यानी Withania somnifera, यह केवल एक शारीरिक बलवर्धक जड़ी-बूटी ही नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन को भी बहाल करने वाली औषधि है। अश्वगंधा तनाव हार्मोन यानी कॉर्टिसोल को घटाने में वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुकी है। इससे मन शांत होता है, नींद सुधरती है और आत्मबल बढ़ता है। अमेरिका के इंडियाना विश्वविद्यालय में 2016 में किए गए एक अध्ययन में यह साबित हुआ कि अश्वगंधा सेवन करने वाले लोगों में मानसिक थकान और चिड़चिड़ेपन में महत्वपूर्ण कमी आई। अवश्वगंधा का चित्र देखें।
अब तीसरी साथी है—शंखपुष्पी यानी Convolvulus pluricaulis, जिसे मन को बल देने वाली कहा गया है। इसका चित्र देखें। यह चिंता, व्यग्रता और बेचैनी से जूझ रहे मस्तिष्क को गहराई से शीतलता देती है। बच्चों, वृद्धों और लगातार मानसिक श्रम करने वाले व्यक्तियों के लिए यह अत्यंत उपयोगी है। यह स्मृति, वाणी और निर्णय क्षमता को निखारने में सहायक होती है। यह ब्राह्मी और अश्वगंधा के साथ मिलकर मानसिक स्वास्थ्य का त्रिसूत्रीय संबल बनाती है।
जब इन तीनों को एक साथ संयोजित रूप में लिया जाता है, तो इनका प्रभाव न केवल मस्तिष्क की कोशिकाओं को पोषण देता है, बल्कि तंत्रिका तंत्र को भी संतुलित करता है। शरीर की थकावट, मन की उलझन और भावनाओं की बेचैनी—इन सबको शांत करने की शक्ति इस त्रिकुट में समाहित है।
निरोगधाम पर यह त्रिकुट संयोजन पूर्णतः शुद्ध, ऑर्गेनिक और संतुलित अनुपात में उपलब्ध है, हम भापक यंत्र अर्थात धीमी भाप निष्कर्षण विधि से इन तीनों का शुद्ध अर्क भी बनाते हैं, ये सब आधुनिक जीवन की मानसिक चुनौतियों के लिए एक सहज, लेकिन अकल्पनीय और प्राकृतिक समाधान प्रस्तुत करती हैं।
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