हिंदी कविता॥ “अपने हिस्से की बारिश ”॥motivational poem॥काव्यकृतिका
Автор: @Kavyakritika by Sanchita
Загружено: 2025-07-12
Просмотров: 415
Описание:
#अपने हिस्से की बारिश #poetry in hindi#हिंदी कविता#motivational poem in hindi#बारिश पर कविता #motivational poem#best motivational poem in hind#poetry#best poetry in hindi#motivational poetry in hindi#poetry hindi kavita motivational#hindi poetry#motivational,hindi motivational poem#short hindi motivational poem
अपने हिस्से की बारिश 🌧️
चुपचाप बरसती हुई बारिश कानों में कहती
हरी हो ले हर बूँद-बूँद से, क्यों थम तू जाती
क्यों न थाम लें बरसती उन सहस्र बूँदों को
क्यों न संतृप्त कर लें ह्रदय की शुष्क धरती?
बरस रहे मेघ ज्यों-ज्यों, बादल और घुमड़ते
जैसे बरसती हर बूँद घनघोर घटाओं से कहती
मन भारी हो, तो क्यों न बरस जाओ खुलकर अनगिनत लीलाओं में नई कहानियाँ जुड़ती जाती
प्राण भरता जिस तरह सूखे तृण में, तरु में
तरसती सूखी नदियों को जल से पाट देता
क्यों न संचित कर लें हम थोड़ी मेघ बिंदुओं को
और भर लें हर मलिन शुष्क भावों में शुचिता
मन की ख़ाली तिजोरियाँ चलो भर लें बारिश की बूँदों से
क्यों न अपने हिस्से की बारिश हम बचा हैं लेते
जब-जब आयेगा वह हठी पतझड़ जीवन में
सिक्त होगा मौसम, दावा बारिश की बूँदें करतीं
@काव्यकृतिका
#राज़-ए-गुलाब
#मेरे पिता
#बनना चाहूँ मैं बोगनवेलिया सी
#जिंदादिल जिंदगी
#माँ
#कभी-कभी तुझमें
#कहो क्या लिखूँ
#नाकामी नहीं है हार कभी
#सूरज उगे क्षितिज से
#रिश्ते
#मनुज का संकल्प
#वह रोज़ हार कर भी जीता करती है
#कहानी गंगा की
#यह गुलाब है तुम्हारे लिए
#काश यह दुआ क़बूल हो
#क्या भूले हम?
#छोटे शहरों वाले
#बनना होगा स्वयं का दर्पण
#हर अंत एक प्रारंभ है
#ये जीवन है
#चलो जी लेते हैं
#मधुशाला में हाला
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: