Buddha Purnima Special || The Buddha And His Dhamma || Introduction ☸️
Автор: RAJIV PRAKASH OFFICIAL
Загружено: 2025-05-10
Просмотров: 360
Описание:
Please subscribe to my YouTube channel:- https://rb.gy/n5vrft
Buddha Purnima Special || The Buddha And His Dhamma || Introduction ☸️ @rajivprakashofficial
"The Buddha and His Dhamma by Dr. B.R. Ambedkar"
#ambedkar #buddhapurnima #buddha #news #ambedkar #history #motivation
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध जयंती भी कहा जाता है, बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण (देहांत) की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन हिंदू और बौद्ध कैलेंडर के वैशाख महीने की पूर्णिमा को पड़ता है, जो आमतौर पर अप्रैल या मई में होता है।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व:
जन्म: भगवान बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था। उनका जन्म नाम सिद्धार्थ गौतम था, और वे शाक्य वंश के राजकुमार थे।
ज्ञान प्राप्ति: 35 वर्ष की आयु में बोधगया (बिहार, भारत) में पीपल के वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को आत्मज्ञान प्राप्त हुआ, जिसके बाद वे गौतम बुद्ध कहलाए।
महापरिनिर्वाण: 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर (उत्तर प्रदेश, भारत) में बुद्ध ने देह त्याग दी, जिसे महापरिनिर्वाण कहा जाता है।
उत्सव और परंपराएं:
पूजा और ध्यान: बौद्ध अनुयायी विहारों और मंदिरों में इकट्ठा होकर प्रार्थना, ध्यान और बुद्ध की शिक्षाओं का पाठ करते हैं।
दया और अहिंसा: इस दिन लोग दान, शाकाहारी भोजन और जीवों के प्रति करुणा का पालन करते हैं। कई लोग पशुओं को मुक्त करते हैं।
दीप प्रज्वलन: बुद्ध के ज्ञान का प्रतीक मानते हुए मंदिरों और घरों में दीप जलाए जाते हैं।
बोधि वृक्ष की पूजा: बोधगया में बोधि वृक्ष के आसपास विशेष पूजा होती है, जहां बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
शोभायात्रा: कई स्थानों पर बुद्ध की मूर्तियों के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है।
बुद्ध की प्रमुख शिक्षाएं:
चार आर्य सत्य: जीवन में दुख, दुख का कारण, दुख से मुक्ति और मुक्ति का मार्ग।
अष्टांगिक मार्ग: सम्यक दृष्टि, संकल्प, वाणी, कर्म, आजीविका, प्रयास, स्मृति और समाधि।
अहिंसा और करुणा: सभी प्राणियों के प्रति प्रेम और अहिंसा का पालन।
भारत और विश्व में उत्सव:
भारत में बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर और लुंबिनी जैसे स्थानों पर विशेष आयोजन होते हैं।
विश्व स्तर पर श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार, जापान और अन्य बौद्ध देशों में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र भी इस दिन को "वेसाक डे" के रूप में मान्यता देता है।
ऐतिहासिक सटीकता:
बुद्ध पूर्णिमा की तिथि वैशाख पूर्णिमा पर आधारित है, जो भारतीय पंचांग के अनुसार तय होती है। पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्यों, जैसे अशोक स्तंभ और बौद्ध ग्रंथों (जैसे त्रिपिटक), से बुद्ध के जीवन की घटनाओं की पुष्टि होती है। हालांकि, कुछ विद्वानों के बीच उनके जन्म और मृत्यु की सटीक तारीखों पर मामूली मतभेद हैं, लेकिन 563 ईसा पूर्व और 483 ईसा पूर्व की तारीखें व्यापक रूप से स्वीकृत हैं।
यह त्योहार न केवल बौद्धों के लिए, बल्कि शांति और मानवता में विश्वास रखने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
RAZORPAY: https://razorpay.me/@rajivprakashgautam
INSTAGRAM: / rajivprakashgautam
FACEBOOK PAGE: / rajivprakashgautamofficial
X: https://x.com/RajivPrakash_
TELEGRAM: https://t.me/rajivprakashgautam
WHATSAPP: https://whatsapp.com/channel/0029VaRW...
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
#buddhism #buddha #jaybhim #buddhapurnima #buddha #lordbuddha #news
Copyright: @rajivprakashofficial
For More Videos Please subscribe to my YouTube channel:- https://rb.gy/n5vrft
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: