Ghzal : harik nazar mein Lyrics: Dr Bhagia 'Khamosh' Music : Suno AI generated
Автор: Dr. Bhagia 'Khamosh'- Ghazal
Загружено: 2026-01-15
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Описание:
हरिक नज़र में चाँद की है चाँदनी अलग अलग
ख़ुदा की इसलिए है सब की बंदगी अलग अलग
किसी को प्यार चाहिए, किसीको पैसा चाहिए
सभी की ज़ीस्त में कमी, मगर कमी अलग अलग
कोई पिये हैं आँख से, कोई पिये है जाम से
अलग अदा है पीने की, शराब भी अलग अलग
अलग अलग बसाये दिल हैं दिल के चार ख़ानों में
मकान एक है मगर है मालिकी अलग अलग
अमीर अर्श पर रहा, ग़रीब फ़र्श पर रहा
ख़मोश' जी रहे हैं दोनों ज़िन्दगी अलग अलग
-Dr Bhagia 'Khamosh'
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