Gorakh Pandey, Saturday Poetry
Автор: Saturday Poetry
Загружено: 2018-01-28
Просмотров: 8971
Описание: गोरख पांडेय की कविता हर दौर के आंदोलनों और जन-संघर्षों की कविता है। गोरख की कविता दमन, उत्पीड़न और भयानक नाउम्मीदी के दौर में सपनो की सृष्टि करती है और जन-संघर्ष के योद्धाओं के प्रणयगीत के रूप में हमारे सामने आती है।
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