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वीतरागता की वृद्धि के लिए सम्यग्ज्ञानी को भेदज्ञान सहज होता है ।

Автор: Jainvidya

Загружено: 2026-02-03

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वीतरागता की वृद्धि के लिए सम्यग्ज्ञानी को भेदज्ञान सहज होता है ।

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