मुंगेर भारतीय मास मार्केट से क्यों दूर भागते हैं
Автор: चार्ली मंगर की सीखें 🇮🇳
Загружено: 2026-01-23
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भारत में ज़्यादातर निवेशक वही स्टॉक्स खरीदते हैं जिनके बारे में हर कोई बात कर रहा होता है। ज़ोमैटो, पेटीएम, बायजूस, आईपीओ और “नेक्स्ट मल्टीबैगर” जैसे नाम सुनते ही भीड़ दौड़ पड़ती है। लेकिन चार्ली मुंगेर, जिन्होंने बर्कशायर हैथवे को दुनिया की सबसे ताकतवर निवेश मशीन बनाया, इस भीड़ से हमेशा दूर रहे। इस वीडियो में आप समझेंगे कि क्यों मुंगेर भारतीय मास मार्केट को सबसे खतरनाक जाल मानते थे और क्यों लोकप्रिय स्टॉक्स अक्सर निवेशकों को नुकसान पहुँचाते हैं।
यह विश्लेषण दिखाता है कि कैसे फोमो, झुंड मानसिकता और कहानियों पर आधारित निवेश भारत में करोड़ों रिटेल निवेशकों को नुकसान पहुँचा रहा है। पेटीएम के आईपीओ से लेकर ज़ोमैटो और एडटेक कंपनियों तक, आप देखेंगे कि बिना मुनाफे की ग्रोथ क्यों टिकाऊ नहीं होती। मुंगेर के “इनवर्ज़न थिंकिंग”, “इकोनॉमिक मोट” और धैर्य के सिद्धांत यह साफ करते हैं कि असली पैसा सनसनीखेज स्टॉक्स में नहीं, बल्कि उबाऊ लेकिन स्थिर कंपनियों में बनता है।
अगर आप शेयर बाजार में बार-बार नुकसान उठा चुके हैं, या हर नई टिप और व्हाट्सएप मैसेज पर निवेश कर देते हैं, तो यह वीडियो आपकी सोच बदल देगा। यह डराने के लिए नहीं, बल्कि आपको उस जाल से बचाने के लिए है जिसमें भारत के ज़्यादातर निवेशक फँस जाते हैं।
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