तीर ,शब्द,बक्त ,आत्मा बापस ना होते निरंकारी गीत
Автор: Andhkar se prakash
Загружено: 2026-02-19
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lyrics writer:Sovran
discription:
"तीर ,शब्द,बक्त ,आत्मा बापस ना होते निरंकारी गीत ये गाना लोगो अच्छी सीख देने वाला है इस गीत को सुनकर जीवन को अलग डिश में बदल दिया गया है लोग जीवन की अलसलियत को नहीं समझ रहे हैं हमे ईश्वर से जुड़ना चाहिए किसी भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए एक भावपूर्ण भक्ति गीत है भगवान ही जीवन का आधार, सच्चा साथी और मार्गदर्शन करने वाले हैं। यह भजन सुनने वालों को सुकून, सांत्वना और मानसिक शांति प्रदान करता है, जो सभी सांसारिक चिंताओं को दूर करता है।
मूल भाव: ईश्वर को सर्वोपरि मानना और उनके बिना जीवन को अधूरा समझना।
अनुभूति: यह गीत आत्मसमर्पण और कृतज्ञता की भावना जगाता है।
उद्देश्य: आराधना, मानसिक शांति और दिव्य प्रेम का अनुभव कराना।
यह गीत अक्सर भक्ति के माहौल में श्रद्धा और विश्वास को गहरा करने के लिए गाया जाता है।
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