अथ देव्या: कवचम्
Автор: Parashar Bhakti Marg
Загружено: 2025-08-21
Просмотров: 602
Описание:
देव्य कवच को "देवी महात्म्य" (दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण) का एक महत्त्वपूर्ण अंग माना जाता है। यह दुर्गा सप्तशती के प्रारम्भिक भाग में आता है। इसे "कवच" इसलिए कहा गया है क्योंकि इसके पाठ से साधक के चारों ओर देवी का आध्यात्मिक कवच (रक्षा कवच) बन जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
इसमें माँ दुर्गा के विविध रूपों और अंग-प्रत्यंग की रक्षा करने वाले देवियों का वर्णन है।
साधक जब इसका पाठ करता है तो उसे हर दिशा से, हर अंग से देवी की शक्ति का संरक्षण प्राप्त होता है।
यह कवच नकारात्मक शक्तियों, शत्रु बाधाओं, भूत-प्रेत, रोग-दोष और संकटों से रक्षा करता है।
इसे प्रातःकाल श्रद्धा-भाव से पढ़ना अत्यंत शुभ माना गया है।
आध्यात्मिक महत्त्व:
देव्य कवच साधक को मानसिक बल, आत्मविश्वास और निडरता प्रदान करता है। यह एक प्रकार से "दैवीय सुरक्षा चक्र" है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और समृद्धि लाता है।
संक्षेप में, देवी कवच का पाठ करने से साधक को माँ दुर्गा के विविध रूपों की दिव्य ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वह हर प्रकार की विपत्ति से सुरक्षित रहता है।
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: