Vedsar Shiva Stavha Stotram : वेदसार शिवस्तव स्तोत्रम् | Mantra 2026 : Shiv Bhajan |
Автор: Sanatan Spiritual Bhakti
Загружено: 2026-03-12
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वेदसार शिवस्तव स्तोत्रम् भगवान Lord Shiva को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है। इस स्तोत्र का पाठ करने से मन को शांति, आत्मिक शक्ति और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस भक्ति भजन में वेदसार शिवस्तव स्तोत्रम् का मधुर और भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया है, जो हर शिव भक्त के हृदय को भक्ति से भर देता है। नियमित रूप से इस स्तोत्र को सुनने या इसका पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक शांति मिलती है।
अगर आप भगवान Lord Shiva के सच्चे भक्त हैं, तो इस भजन को पूरा सुनें, लाइक करें और अपने दोस्तों व परिवार के साथ ज़रूर साझा करें।
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ॐ नमः शिवाय 🙏🔱
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पशूनां पतिं पापनाशं परेषां
गजेन्द्रस्य कृतिं वसानं वरेण्यम्
जटाजूटमध्ये स्फुरद्गाङ्गवारीं
महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम्
महेशं सुरेशं सुरार्तिनाशं
विभुंविश्वनाथं विभूत्यङ्गभूषम् ।
विरूपाक्षमिन्द्वार्क वह्नित्रिनेत्रं
सदानन्दमिदे प्रभुं पंचवक्त्रम् ॥2॥
गिरीशं गणेशं गले नीलवर्णं
गवेन्द्राधिरूढं गणातीतरूपम् ।
भवं भास्वरं भस्मना भूषिताङ्गं
भवानीकलत्रं भजे पंचवक्त्रम् ॥3॥
शिवाकांत शंभो शशांङ्करधामौले
महेषां शूलिन जटाजूटधारिन्
त्वमेको जगत्व्यापको विश्वरूप
प्रसीद प्रसीद प्रभो पूर्णरूप ॥4॥
परमात्मानमेकं जगद्विजमाद्यं
निरिहं निराकारमोङकारवेद्यम् ।
यतो जायते पाल्यते येन विश्वं
तमीशं भजे लीयते यत्र विश्वम्
न भूमिर्न चापो न वह्निर्न वायुर
न चाकाश मस्ते न तन्द्रा न निद्रा ।
न ग्रीष्मो न शीतो न देशो न वेषो
न यस्यास्ति मूर्तिस्त्रीमूर्ति तमिदे
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