01 - Shrimad Bhagawat katha | Shri Udiya baba Ashram | Swami Shravananand Saraswati | 13-19 May 2023
Автор: Swami Shravananand Saraswati
Загружено: 2023-05-13
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🌻SHRIMAD BHAGAWAT KATHA - (Shri UdiyaBaba Ashram, Vrindavan)🌻
🌼श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का दिव्य आयोजन श्रीउड़ियाबाबा आश्रम में हो रहा है, इस भूमि की दिव्यता का वर्णन करते हुए महाराजजी कहते हैं- जिस स्थान पर भागवत की कथा हम कहने-सुनने जा रहे हैं यह बहुत दिव्य भूमि है। भारत के लगभग सभी प्रसिद्ध-प्रसिद्ध संतों ने यहाँ सत्संग किया है। जिनका अवलंबन लेकर मैं जी रहा हूँ पूज्य महाराजश्री स्वामी अखण्डानन्द सरस्वती जी महाराज उनके लिए यह तीर्थस्थान है।जब तक वे स्वस्थ रहे यहाँ नित्य सत्संग किया है। इस कथा के मूल में हमारे श्रीउड़िया बाबाजी का ही अनुग्रह है, वे प्रत्यक्ष हैं, उनकी कृपा अहैतुक है।
🌼किसी भी क्रिया में प्रवेश पाने के पूर्व वह क्रिया कैसे करनी चाहिए इसकी पूर्ण जानकारी होना ज़रूरी है।
⭐️श्रीमद्भागवत की कथा- क्यों सुनना है! कैसे सुनना है! सुनने के लाभ क्या है! यह जो बातें बतायी गई है, इसी का नाम माहात्म्य है।
🌼कथा- ‘क’ यानि सुख/प्रेम, ‘स्था’ यानि स्थापित करना। जो हृदय में भगवद् प्रेम की स्थापना कर दे उसका नाम कथा है।
🌼भगवद् प्रेम ऐसा प्रेम है जो एक बार मिलने के बाद कभी छूटेगा नहीं, यह सदा साथ रहता है। भगवान कभी छोड़ते नहीं है और जो छोड़ देने वाला है वह भगवान है ही नहीं वह तो संसारी प्रेम है।
⭐️हमारी माँग परमात्मा की है, हमें ऐसा परमात्मा चाहिए जो कभी बिछड़े नहीं, ऐसा परमात्मा आपकी आत्मा ही है। आपको अपनी आत्मा के साथ कनेक्ट (connect) होना पड़ेगा, शाश्वत सुख के लिए।
🌼यदि गुरु प्रसन्न हो जाए तो कुछ भी अप्राप्त रहता ही नहीं है।
🌼जीवन का फल यदि कुछ है तो सत्संग है।इसके बग़ैर परमात्मा की पहचान हो ही नहीं सकती है।
⭐️भाग्य का उदय संपत्ति नहीं है - सत्संग है।
🌼भागवत की कथा दिव्य जीवि बनाती है। यह भयमुक्त, ग्लानिमुक्त, अपराधमुक्त, निर्भार होकर जीने की कला, मान-अपमान से मुक्त कर देने वाली कथा है। यह पुण्य से भी नहीं, गुरु कृपा से मिलती है।
🌼गोकर्णजी पिताजी से कहते हैं- आप शरीर नहीं शरीरी हो, किसी से सम्बन्ध नहीं है, वैराग्य राग के रसिक बने, किसी के गुण-दोष न देखें और भागवत धर्म का पालन करें।
🌼भागवत को सुनना नहीं पीना है, आत्मसात करना है, इससे भागवत(भक्त)बन जाओगे, फिर सदा राधाकृष्ण हृदय में रमण करने लगेंगे।
🌞Katha: Shrimad Bhagawat Mahapuran
🎤By: Maharajshri Swami Shravananand Saraswati (Vrindavan)
📍Location: Shri UdiyaBaba Ashram, Vrindavan (U.P)
🗓 Dates: May 13 - May 19, 2023
🕐Timing : 3.30PM - 7.00PM
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