श्री विष्णु मंदिर में स्थापित काले कसौटी पत्थर से बनी भगवान विष्णु की मूर्ती | 4K | दर्शन 🙏
Автор: Tilak
Загружено: 2022-12-21
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संगीत एवम रिकॉर्डिंग - सूर्य राजकमल
लेखक - रमन द्विवेदी
भक्तों नमस्कार! प्रणाम! और बहुत बहुत अभिनन्दन.भक्तों भारत भूमि अवतारों की भूमि हैं। गीता में भगवान श्री कृष्ण की ओर से आश्वासन दिया गया है कि “ यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानम धर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्म संस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥मै प्रकट होता हूं, मैं आता हूं, जब जब धर्म की हानि होती है, तब तब मैं आता हूं, जब जब अधर्म बढता है तब तब मैं आता हूं, सज्जन लोगों की रक्षा के लिए मै आता हूं, दुष्टों का विनाश करने के लिए मैं आता हूं, धर्म की स्थापना के लिए मैं आता हूं और युग युग में जन्म लेता हूं। अर्थात भगवान धर्म की हानि होने पर किसी न किसी रूप में जरूर अवतार लेते हैं। भगवान का एक विग्रह अवतार भी है, जो मंदिरों में प्रतिष्ठित होते हैं। यों तो देश और दुनिया में भगवान विष्णु और उनके अवतारों के हजारों मंदिर हैं लेकिन कुछ मंदिर ऐसे होते हैं जहां विराजमान विग्रह स्वरुप में भगवान के अनुपम और अद्वितीय दर्शन होते हैं।
मंदिर के बारे में: भक्तों भगवान विष्णु का ये प्रसिद्ध मंदिर गोरखपुर शहर के मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थित है। भगवान विष्णु के भक्तों में इस मंदिर को लेकर गहरी आस्था है। दूर-दूराज से हजारों भक्तगण यहाँ भगवान के दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचते हैं। हरेक बृहस्पति वार को यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है।
विग्रह की मुखाकृति दिन में तीन बार बदलती है: भक्तों भगवान विष्णु के इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां स्थापित भगवान विष्णु के विग्रह की मुखाकृति (होंठ) दिनभर में तीन बार और तीन तरह से बदलती है। मतलब भगवान की मुस्कान दिनभर में तीन तरह की होती है। इस मंदिर में विराजमान भगवान के विग्रह में सुबह, दोपहर और शाम को अलग-अलग भगवान श्री विष्णु की छबि के दर्शन भक्तों को होते हैं।
काले पत्थर की है प्रतिमा:
भक्तों गोरखपुर के विष्णु मंदिर में स्थापित काले पत्थर (कसौटी पत्थर) निर्मित भगवान विष्णु की अति दुर्लभ मूर्ति है। बता दें कि कसौटी पत्थर की चार भुजाओं वाली सिर्फ दो मूर्तियां देश में हैं। एक तिरुपति बालाजी में और दूसरी गोरखपुर के विष्णु मंदिर में।
मंदिर का इतिहास:
भक्तों गोरखपुर विष्णु मंदिर भूमि का इतिहास तकरीबन 600 साल पुराना है, लेकिन आधुनिक युग में मंदिर का निर्माण व स्थापना एक सदी पहले की है। मंदिर में विराजमान भगवान विष्णु की मूर्ति अत्यंत दुर्लभ काले कसौटी पत्थर से निर्मित है। जिसे 12वीं सदी के पाल काल खंड की बताया जाता है। श्री विष्णु मंदिर के बनने, मूर्ति के लुप्त होने, मिलने और स्थापित होने का इतिहास बड़ा ही रोचक है।
भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन ! 🙏
इस कार्यक्रम के प्रत्येक एपिसोड में हम भक्तों को भारत के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिर, धाम या देवी-देवता के दर्शन तो करायेंगे ही, साथ ही उस मंदिर की महिमा उसके इतिहास और उसकी मान्यताओं से भी सन्मुख करायेंगे। तो देखना ना भूलें ज्ञान और भक्ति का अनोखा दिव्य दर्शन। 🙏
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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