सरकारी स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक "प्राइवेट स्कूलों की मनमानी लूट पर आधारित नाटक"
Автор: Bachchon Ki Pathshala
Загружено: 2020-08-21
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इस नाटक को प्रस्तुत करने का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त उस मनोभावना को दूर करना है की महंगे एवं ऊंची भावनो वाले स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है। प्राइवेट स्कूलों का मुख्य उद्देश केवल पैसा कमाना है ना कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।
प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश शुल्क के नाम पर हर साल, अभिभावकों से मोटी रकम ली जाती हैं. प्राइवेट स्कूलों में अध्यापकों की योग्यता का कोई मापदंड नहीं है। वह हाईस्कूल फेल से लेकर स्नातक तक के पढ़े-लिखे हो सकते हैं। प्राइवेट स्कूलों में कम वेतन में अधिक से अधिक अध्यापकों को रखने की चाहत होती है ना कि शिक्षित एवं योग्य अध्यापक रखने की।
जबकि सरकारी विद्यालयों के अध्यापकों की योग्यता सरकार द्वारा निर्धारित की गई है जिसे पूर्ण करने के पश्चात ही अध्यापकों का चयन किया जाता है। अध्यापकों की योग्यता में स्नातक के साथ - साथ बीटीसी, यूपीटेट एवं लिखित पेपर का आयोजन किया जाता है. सरकारी विद्यालयों में प्रवेश शुल्क के नाम पर अभिभावकों से किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है । सभी सरकारी विद्यालयों में बच्चों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए लाइब्रेरी, उनके लिए निःशुल्क पुस्तक, बैग, ड्रेस, जूता - मोजा आदि की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्कूल में खेल संबंधित सभी सामान उपलब्ध हैं.
#सरकारीस्कूलनाटक
Headmaster - Dinesh Singh
Assistant Teacher - Satyendra Kumar Singh Primary School Ramkuti (Kodar ) Block- Rudrapur
District - Deoria (Uttar Pradesh)
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