मैं साँवली हूँ, हीनता जाती नहीं है (पति दूसरी लड़कियों से बात करता है) || आचार्य प्रशांत (2024)
Автор: आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant
Загружено: 2024-03-15
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वीडियो जानकारी: 21.01.24, संत सरिता, लखनऊ
मैं साँवली हूँ, हीनता जाती नहीं है (पति दूसरी लड़कियों से बात करता है) || आचार्य प्रशांत (2024)
📋 Video Chapters:
0:00 - Intro
0:54 - देह और अहंकार
9:00 - रंग और देह का महत्व
14:16 - ट्रॉफी वाइफ की अवधारणा
20:55 - महिलाओं की ऊर्जा
28:03 - शादी, दहेज और जीवन से जुड़े चुनाव
34:05 - अगर आचार्य जी की शादी होती?
37:55 - कबीर साहब के दोहे और भजन
44:13 - समापन
विवरण:
इस वीडियो में आचार्य प्रशांत जी ने महिलाओं की आत्म-सम्मान और समाज में उनकी स्थिति पर गहन चर्चा की है। एक महिला ने अपने हीनता के भाव के बारे में बताया, जो उसे अपने रंग और रूप के कारण महसूस होता है। आचार्य जी ने इस भावना को समझाते हुए कहा कि यह अहंकार का परिणाम है, जो शरीर को पहचानने से उत्पन्न होता है। उन्होंने बताया कि रंग, रूप और शरीर की सुंदरता से अधिक महत्वपूर्ण है व्यक्ति की चेतना और उसके गुण।
आचार्य जी ने यह भी बताया कि समाज में महिलाओं को अक्सर उनके रंग और रूप के आधार पर आंका जाता है, और यह मानसिकता उन्हें कमजोर बनाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी पहचान केवल अपने शरीर से नहीं, बल्कि अपनी चेतना और क्षमताओं से बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने के लिए उन्हें शिक्षा और आत्म-निर्भरता की ओर बढ़ना होगा।
आचार्य जी ने यह भी कहा कि शादी और रिश्तों में भी एक इंसान के रूप में एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, न कि केवल पारंपरिक भूमिकाओं के अनुसार। उन्होंने यह सुझाव दिया कि महिलाओं को अपने आत्म-सम्मान को बनाए रखना चाहिए और समाज में अपनी जगह बनानी चाहिए।
प्रसंग:
~ सांवली लड़कियों को हीनता क्यों होती है?
~ हीनभावना से कैसे बचें?
~ क्यों लोग मुझे सांवलेपन पर जज करते हैं?
~ हीन भावना और ग्लानि से मुक्ति कैसे मिले?
~ हीनभावना का मूल कारण क्या है?
~ हीनभावना से कैसे बसें?
~ हीनभावना दूर कैसे करें?
~ ग्लानि भाव को कैसे दूर करें?
~ हीनभावना का इलाज क्या?
संगीत: मिलिंद दाते
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