सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | मन को छू लेने वाला राम भजन | Ayodhya Ram Bhajan | New Ram Bhajan
Автор: Gudiya Bhajan Darpan
Загружено: 2026-02-09
Просмотров: 506
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🙏 जय श्री राम 🙏
सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे – अयोध्या धाम की महिमा का यह सुंदर भजन आपके मन को भक्ति से भर देगा। इस मधुर राम भजन को सुनते ही हृदय में प्रेम, शांति और श्रद्धा जाग उठेगी।
अगर आप भी राम नाम के प्रेमी हैं, तो वीडियो को पूरा सुनें, लाइक करें और शेयर जरूर करें।
🚩 अयोध्या धाम की जय
🚩 सीताराम जी की जय
✨ यह भजन खास तौर पर राम भक्तों के लिए बनाया गया है।
✨ सुबह-शाम सुनने से मन को शांति मिलती है।
Song : Sita Ram Ji Ki Pyari Rajdhani Lage
Album : Sita Ram Ji Ki Pyari Rajdhani Lage
Singer : Rajan Raj
Edit : Rocky Pardeep
Producer : Raj Kishor
Music Label : Gudiya Bhajan Darpan
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/ @gudiyabhajandarpan
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सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | मन को छू लेने वाला राम भजन
Sitaram Ji Ki Pyari Rajdhani Lage | Ayodhya Ram Bhajan | Bhakti Song
सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | 2026 का सबसे प्यारा राम भजन
सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे लिरिक्स
सीता राम जी की प्यारी,
राजधानी लागे,
राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।।
धन्य कौशल्या धन्य कैकई,
धन्य सुमित्रा मैया,
धन्य सुमित्रा मैया..
धन्य भूप दशरथ जी के आंगन,
खेलत चारो भैया,
मीठी तोतली रसीली प्रभु की,
वाणी लागे,
प्रभु की वाणी लागे,
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।
छोटी छावनी रंगमहल,
हनुमान गढ़ी अति सुन्दर,
हनुमान गढ़ी अति सुन्दर..
स्वयं जगत के मालिक बैठे,
कनक भवन के अंदर,
सीता राम जो की शोभा,
सुखधानी लागे,
सुखधानी लागे..
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।
सहज सुहावन जनम भूमि,
श्री रघुवर राम लला की,
श्री रघुवर राम लला की,
जानकी महल सूचि सुन्दर शोभा,
लक्ष्मण ज्यूत किला की,
यहाँ के कण कण से,
प्रीत पुरानी लागे,
प्रीत पुरानी लागे..
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।
जय सियाराम दंडवत भैया,
मधुरी वाणी बोले,
मधुरी वाणी बोले..
करे कीर्तन संत मगन मन,
गली गली मे डोले,
सीता राम नाम धुन प्यारीं,
मस्तानी लागे,
मस्तानी लागे..
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।
रघुपत प्रेम प्राप्त करके सब,
पी कर श्री हरी रस को,
पी कर श्री हरी रस को..
गण ‘राजेश’ रहे नित निर्भय,
फिकर कहो क्या उसको,
जिसको मात पिता रघुराज,
सिया महारानी लागे,
सिया महारानी लागे..
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।
सीता राम जी की प्यारी,
राजधानी लागे,
राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो,
सरयू जी रो पानी लागे ।।
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