छत्तीसगढ़ में कृषि और किसान कल्याण | आर्थिक सर्वेक्षण | धान खरीदी | CGPSC CGVYAPM
Автор: Shailendra Naik
Загружено: 2025-12-10
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छत्तीसगढ़ के कृषि एवं संस्थागत क्षेत्र का संक्षिप्त अवलोकन (आर्थिक समीक्षा 2024-25) 🌾
यह सारांश छत्तीसगढ़ राज्य के कृषि एवं संस्थागत क्षेत्र का आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार एक विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत करता है।
🧑🌾 कृषि क्षेत्र की निर्भरता एवं कृषक श्रेणियाँ
जनसंख्या की निर्भरता: छत्तीसगढ़ राज्य की लगभग 70% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।
कृषक श्रेणियाँ:
प्रदेश में लघु एवं सीमांत श्रेणी के कृषकों की संख्या कुल कृषक जनसंख्या का 80% है।
कुल कृषक परिवारों की संख्या: 40.10 लाख 👨👩👧👦
📊 जीएसडीपी में योगदान और वृद्धि (स्थिर भाव)
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुसार:
फसल क्षेत्र:
पशुधन क्षेत्र:
🌱 प्रमुख कृषि योजनाएँ
राज्य पोषित जैविक खेती मिशन: वर्ष 2014 से लागू।
केंद्र-प्रवर्तित परंपरागत कृषि विकास योजना: वर्ष 2016 से संचालित।
💧 सिंचाई के आँकड़े (मार्च 2024 तक)
सृजित सिंचाई क्षमता: 21.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में, जो कि प्रदेश की कुल सिंचाई का 39.27% है।
सिंचाई के प्रमुख स्रोत:
जल क्षेत्र और मछली पालन:
कुल जल क्षेत्र उपलब्ध: 2.032 लाख हेक्टेयर
मछली पालन के अंतर्गत विकसित: 1.976 लाख हेक्टेयर (कुल जल क्षेत्र का 97.24%) 🐠
🛒 कृषि विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण आँकड़े
आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार:
कृषि उपज मंडियाँ: 69
कृषि उपज उपमंडियाँ: 121
प्राथमिक कृषि साख समितियाँ: 2058
धान उपार्जन केंद्र: ⚠️ 2735 या 2739
कृषि यंत्र सेवा केंद्र: 3872
आदर्श मंडियाँ (कुल 5): राजनांदगांव, कवर्धा, मुंगेली, धमतरी, कुरूद ✨
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएँ : 11
मिनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएँ: 111
फल सब्जी मंडियाँ (कुल 6): रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, पंखा, झुर, रायगढ़ 🍎🥦
किसान उपभोक्ता बाजार:
स्थापित: रायपुर और बेमेतरा
निर्माणाधीन: चार अन्य स्थानों में
🌐 राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम)
उद्देश्य: देश के चयनित कृषि उपज मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ना।
छत्तीसगढ़ से चयनित मंडियाँ: कुल 20 कृषि उपज मंडियों का चयन हुआ है।
मार्च 2023 से शामिल नवीन मंडियाँ (6): कांकेर, बेमेतरा, अंबिकापुर, सरायपाली, कटघोरा, जशपुर। (इससे पहले 14 मंडियाँ थीं, अब कुल 20)
🌸 उद्यानिकी विभाग के डेटा
उद्यान रोपणी केंद्र: कुल 136 संचालित।
सब्जी बीज प्रगुणन प्रक्षेत्र (2): राजपुर (दुर्ग) और बाना (रायपुर)।
राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन:
प्रारंभ: 5 मई 2005
योजना: दसवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान।
महात्मा गांधी उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय:
प्रारंभ: 26 मार्च 2020
स्थान: साकरा पाटन
उद्यानिकी फसलों का उत्पादन क्रम (क्षेत्रफल के अनुसार)
🏗️ सिंचाई परियोजनाएँ और जल स्थिति
राज्य गठन के समय की परियोजनाएँ
🎯 सिंचाई का लक्ष्य
आगामी वर्षों में राज्य के कुल बोए गए क्षेत्र का 75% में सतही जल से सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
🏞️ अरपा भैंसाझर परियोजना
💧 जल की दृष्टि से विकास खंडों की स्थिति (कुल 146 विकास खंड)
सुरक्षित श्रेणी: 116 विकास खंड ✅
आंशिक रूप से जल संकट की श्रेणी: 24 विकास खंड 🟡
संकटपूर्ण श्रेणी: 6 विकास खंड 🔴
🗺️ जिलेवार सिंचित क्षेत्रफल एवं प्रतिशत
सर्वाधिक सिंचित क्षेत्रफल: बेमेतरा जिला 🥇
न्यूनतम सिंचित क्षेत्रफल: दंतेवाड़ा जिला 📉
प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक सिंचित: जांजगीर-चाँपा जिला 🥇
प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम सिंचित: दंतेवाड़ा जिला 📉
🌊 सिंचाई के प्रमुख स्रोत
धान खरीदी 2025 26 के आंकड़े
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