IPS Shankar Chaudhary Case - कोर्ट ने खारिज की बेल, अब क्यों गिरफ्तार नहीं कर रही Delhi Police?
Автор: Crime Tak
Загружено: 2026-03-02
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IPS Shankar Chaudary Case - कोर्ट ने खारिज की बेल, अब क्यों गिरफ्तार नहीं कर रही दिल्ली पुलिस?
Anticipatory Bail Revoked for IPS Shankar Chaudhary in Kidnapping and Extortion Case
दिल्ली विजिलेंस यूनिट ने मिज़ोरम कैडर के IPS अधिकारी शंकर चौधरी (AGMUT: 2011 बैच) के खिलाफ गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की है। यह मामला दिल्ली में बिना अनुमति छापेमारी, अवैध हिरासत और संपत्ति की कथित हेराफेरी से जुड़ा है।
विजिलेंस पुलिस स्टेशन, बाराखंभा रोड में दर्ज FIR नंबर 02/2026 में IPS अधिकारी पर IPC की धारा 166, 341, 342 और 409 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह FIR 21 नवंबर 2023 से 30 नवंबर 2023 के बीच हुई घटनाओं को लेकर दर्ज की गई है।
क्या हैं आरोप?
विजिलेंस जांच में सामने आया है कि IPS शंकर चौधरी ने:
• दिल्ली में बिना किसी लिखित अनुमति या अधिकार क्षेत्र के छापेमारी करवाई
• एक विदेशी नागरिक हैरिसन को चार दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखा
• हैरिसन के घर से लॉकर और बैग जब्त किए, लेकिन
• न तो कोई सीज़र मेमो बनाया
• न ही संपत्ति को मालखाने में जमा कराया
• हिरासत में लिए गए व्यक्ति को
• 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया,
• न ही कोई गिरफ्तारी रिकॉर्ड बनाया गया
यह हिरासत दिल्ली के मिज़ोरम हाउस, वसंत विहार में रखकर की गई, जो कानून के मुताबिक पूरी तरह अवैध मानी गई है।
CCTV और गवाहों से खुलासा
जांच में CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और 13 दिल्ली पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए गए।
फुटेज में साफ दिखता है कि:
• 26 नवंबर 2023 की रात IPS अधिकारी हैरिसन के घर गए
• करीब दो घंटे घर के अंदर रहे
• हैरिसन को लॉकर और बैग उठाकर बाहर ले जाते हुए देखा गया
इसके बाद हैरिसन को मिज़ोरम हाउस में रखा गया, जहां वह 26 से 29 नवंबर तक रहा।
35 लाख की वसूली का आरोप, PCR कॉल से मचा हड़कंप
29 नवंबर 2023 को दिल्ली पुलिस के PCR पर एक महिला का फोन आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि:
“मिज़ोरम पुलिस ने मेरे भाई को पकड़ लिया है,
35 लाख रुपये ले लिए हैं
और अब 20 लाख रुपये और मांग रहे हैं।”
इस कॉल में IPS शंकर चौधरी का नाम सीधे तौर पर लिया गया।
हालांकि कॉल करने वाली महिला का पूरा पता नहीं चल पाया, लेकिन कॉल की टाइमिंग और उसी रात हैरिसन की रिहाई ने मामले को और संदिग्ध बना दिया।
दिल्ली पुलिस कर्मियों की भूमिका
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दिल्ली पुलिस कर्मियों ने IPS अधिकारी की मदद की, लेकिन:
• उनके खिलाफ आपराधिक मंशा (mens rea) के ठोस सबूत नहीं मिले
• इसलिए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है, न कि आपराधिक मुकदमा
इसी सिफारिश के आधार पर 5 फरवरी 2026 को FIR दर्ज कर दी गई।
इस मामले की आगे की जांच ACP विनय कुमार मलिक को सौंपी गई है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि यह केस पुलिस सिस्टम में अधिकारों के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण है और इसकी जांच पूरी पारदर्शिता से की जाएगी।
The anticipatory bail of IPS officer #Shankar_Chaudhary has been revoked in a serious case involving kidnapping, extortion, and assault. Delhi Police had filed the complaint on February 5th, alleging that while posted with Mizoram Police, he kidnapped a foreign national from Delhi, held him hostage at Mizoram House for three days, and assaulted him. Earlier, he was also accused of attacking a woman in a South Delhi restaurant while intoxicated. Despite the gravity of the allegations, departmental investigations did not reveal the involvement of other officials, and he had previously been allowed to roam freely. The revocation of bail marks a significant step toward holding him accountable.
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As per FIR No. 02/2026 at Vigilance Police Station, Barakhamba Road, the officer has been booked under IPC sections 166, 341, 342 and 409 for incidents between 21–30 November 2023.
Vigilance claims a foreign national, Harrison, was illegally detained for four days at Mizoram House, Vasant Vihar, without arrest records, seizure memos, or court production. CCTV footage and statements of 13 Delhi Police personnel reportedly support the allegations.
Following vigilance recommendations, the FIR was registered on 5 February 2026, and further investigation has been handed over to ACP Vinay Kumar Malik.
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