Urdu Poet Habib Jalib: लाइव शो में तानाशाह से लोहा लेने वाला शायर | Alfaaz EP-27 । Quint Hindi
Автор: Kisan India
Загружено: 2023-03-22
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और सब भूल गए हर्फ़-ए-सदाक़त लिखना,
रह गया काम हमारा ही बग़ावत लिखना.
पाकिस्तान (Pakistan) में कई तानाशाहों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने वाले हबीब जालिब (Habib Jalib) की कलम से निकला ये शेर बागी तेवर वालों के लिए एक विरासत की तरह है. आज हम आपको एक ऐसे उर्दू शायर से मिलवाएंगे जिसको तानाशाही के खिलाफ लिखने में कभी डर नहीं लगा...लाइव प्रोग्राम बंद करवाया गया, जेल भेजा गया, हुकूमत ने परेशान किया लेकिन क्रांतिकारी शायर हबीब जालिब की कलम से 'सच' टपकता रहा, वो हमेशा अवाम के लिए लड़ते रहे, उन्हें हुक्मरान के सामने कभी झुकते नहीं देखा गया. 24 मार्च 1928 को पंजाब (Punjab) के होशियारपुर (Hoshiyarpur) में जन्मे हबीब जालिब का मूल नाम हबीब अहमद (Habib Ahmed) था. उन्होंने उर्दू शायर जालिब देहलवी (Jalib Dehlvi) की याद में अपने नाम में तखल्लुस जोड़ा था. हबीब जालिब की शुरुआती तालीम राजधानी दिल्ली (Delhi) में पूरी हुई और 1947 में बंटवारे के दौरान उन्होंने पाकिस्तान (Pakistan) जाने का फैसला किया.
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