Raahi rukna nahi|सीने में दहकती आग है आज,लबों पे सुलगती हर आवाज़।नग़्मों में तूफ़ाँ, हौसलों की चोट
Автор: Inner Fire Music
Загружено: 2026-02-18
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सीने में दहकती आग है आज,
लबों पे सुलगती हर आवाज़।
नग़्मों में तूफ़ाँ, हौसलों की चोट,
गगन में बिजली — दिन–रात जोश!
लोग चले सैलाब बन, पानी-सा शोर,
यादों में बहती दास्ताँ-ए-दौर।
गुज़रे मेले, इबरत बने नेक,
ख़ैर-ओ-शर समाए एक विवेक।
जीना–मरना, हिम्मत इंतज़ार,
टूटे सपनों से ही बने संसार।
घर की रात, सुबह पैग़ाम,
हर साँस बोले – जीवन संग्राम।
यादें बोझ नहीं, सीख हैं यार,
हर हार में छुपा इक हथियार।
जो बीत गया वो राह दिखाए,
जो आने वाला, हौसला लाए।
जीवन सपना, दरिया, पर्वत,
नींदें तोड़ो – जागो हर वक़्त।
बादल छँट जाएँ, दुख झुक जाए,
रुकना नहीं, चाहे साँस थम जाए।
जीवन chalta सुबह–शाम,
जीवन chalta सुबह–शाम।
अंधकार में उजली भोर,
आँखों में सूरज, हाथों में डोर।
समय बोले – चल, मत डर,
किरण–किरण से बनता सफ़र।
चरण चलें, चाहे काँटे हों,
राहों में लाखों सन्नाटे हों।
सुबह–शाम, हर पल इम्तिहान,
हार नहीं, बस अभ्यास महान।
जीवन सपना, दरिया, पर्वत,
नींदें तोड़ो – जागो हर वक़्त।
बादल छँट जाएँ, दुख झुक जाए,
रुकना नहीं, चाहे साँस थम जाए।
जीवन chaltaa सुबह–शाम,
जीवन chaltaa सुबह–शाम।
रूठे यार, और खुद से ख़फ़ा,
खुदी में ढूँढा – खुदा मिला।
सजदे में झुका जब शीश,
हिम्मत बनी सबसे बड़ी दुआ विशेष।
दीन, धर्म, ईमान पुकारे,
चलते रहो, चाहे जग हारे।
भगवान नहीं दूर कहीं,
हिम्मत में बसता है वही।
महल हों या तपती दुपहरी,
हर हाल में जलती चिंगारी।
गगन में चाँद, गगन में चाँद,
रात सुनहरी, टूटे विषाद।
बिखरी बात, निखरा रूप,
संघर्ष ही देता जीवन स्वरूप।
हर रात के बाद सवेरा है,
हर गिरना आगे का फेरा है।
सूरज चढ़े, क़ाफ़िला चले,
हिम्मत से ही मुक़द्दर ढले।
बादल छँटें, दुख झुक जाएँ,
कदम न थमें, चाहे आँधी आए।
जीवन chaltaa सुबह–शाम,
जीवन chaltaa सुबह–शाम।
रुकना नहीं… झुकना नहीं…
जीवन हार नहीं… जीवन चलना है…
सुबह… शाम…
सुबह… शाम…
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