Ep 9 Maa Kamakhya | Sivasagar to Guwahati
Автор: Explore With Reva Rishi
Загружено: 2026-02-07
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मा कामाख्या मंदिर
मा कामाख्या मंदिर, असम की राजधानी गुवाहाटी में नीलाचल पर्वत पर स्थित, भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शक्ति पीठों में से एक है। यह मंदिर देवी मा कामाख्या को समर्पित है और तांत्रिक साधना, आस्था व आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ देवी की योनि-शक्ति की पूजा होती है, जो सृष्टि, उर्वरता और नारी शक्ति का प्रतीक है। हर वर्ष जून माह में लगने वाला अंबुबाची मेला यहाँ का सबसे प्रसिद्ध पर्व है, जब कुछ दिनों के लिए मंदिर बंद रहता है और फिर विशेष अनुष्ठानों के साथ खोला जाता है। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
मंदिर की वास्तुकला नागर शैली से प्रभावित है और इसकी मधुमक्खी के छत्ते जैसी आकृति इसे अलग पहचान देती है। नीलाचल पर्वत की चोटी से बहती ब्रह्मपुत्र नदी का दृश्य अत्यंत मनमोहक लगता है, जो मन को शांति और भक्ति से भर देता है।
काज़ीरंगा नेशनल पार्क
काज़ीरंगा नेशनल पार्क, असम का गौरव और भारत के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। यह पार्क अपनी अनोखी पहचान — एक सींग वाले भारतीय गैंडे (One Horned Rhinoceros) — के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। वर्ष 1985 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त हुआ।
ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर फैला यह नेशनल पार्क घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदानों, दलदली क्षेत्रों और समृद्ध जैव विविधता से भरपूर है। यहाँ गैंडे के अलावा रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी, जंगली भैंस, हिरणों की कई प्रजातियाँ और सैकड़ों प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं।
काज़ीरंगा की जीप सफारी और हाथी सफारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण हैं। सुबह की हाथी सफारी के दौरान प्राकृतिक वातावरण में गैंडों को बेहद नज़दीक से देखने का अनुभव रोमांचक और यादगार होता है। वहीं जीप सफारी आपको पार्क के विभिन्न ज़ोन में ले जाकर जंगल की असली दुनिया से रूबरू कराती है।
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