OSHO – प्रेम में स्वतंत्रता दो, अधिकार नहीं | OSHO HINDI SPEECH
Автор: अंतर मौन
Загружено: 2026-01-21
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Описание:
❤️ प्रेम किसी पर अधिकार नहीं, बल्कि आज़ादी का अनुभव है
🕊️ जब हम पकड़ते हैं, उम्मीदें पालते हैं या ईर्ष्या करते हैं, तो प्रेम बोझ बन जाता है
🌱 सच्चा प्रेम साथ देता है, जकड़ता नहीं
🧠 ओशो की दृष्टि में जहाँ नियंत्रण है, वहाँ डर जन्म लेता है
✨ छोड़ पाना ही प्रेम को शुद्ध और जीवित रखता है
🔸 यह वीडियो क्यों देखें?
💞 रिश्तों को नए नज़रिये से समझने के लिए
🧘♂️ Attachment और Love के बीच का फर्क जानने के लिए
🔥 प्रेम में जागरूकता और स्वतंत्रता सीखने के लिए
💗 Love is freedom, not ownership
🕊️ Attachment brings fear, love brings expansion
🌿 Letting go allows love to breathe and grow
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💫 More conscious talks inspired by Osho’s wisdom
🛑 Disclaimer:
इस वीडियो में प्रयुक्त आवाज़ AI द्वारा बनाई गई है और यह ओशो की वास्तविक आवाज़ नहीं है। इसका उद्देश्य केवल उनके विचारों से प्रेरित होकर जागरूकता फैलाना है। यहां प्रस्तुत विचार और शब्द मूल ओशो प्रवचनों की शब्दशः प्रस्तुति नहीं हैं, बल्कि सम्मानपूर्वक की गई व्याख्या हैं।
यह चैनल ओशो या उनकी संस्था से आधिकारिक रूप से जुड़ा हुआ नहीं है। सभी विचार कंटेंट क्रिएटर की व्यक्तिगत समझ पर आधारित हैं। गहन अध्ययन के लिए ओशो की मूल पुस्तकों और प्रवचनों को पढ़ने या सुनने की सलाह दी जाती है।
🌿 इस प्रेरणादायक संवाद में, ओशो हमें एक गहरी सच्चाई की ओर ले जाते हैं—
“अपने आप से संघर्ष बंद करो।”
हमारा अधिकांश दुःख बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि अपने भीतर चल रही लड़ाई से पैदा होता है। खुद को नकारना, अपराधबोध में जीना और किसी और जैसा बनने की चाह—यही अशांति की जड़ है।
जब भीतर द्वंद्व होता है, तो शांति संभव नहीं। मन कुछ और चाहता है, हृदय कुछ और। समाज की दिशा अलग होती है और आत्मा की पुकार अलग। ओशो बताते हैं कि पूर्णता स्वीकृति से शुरू होती है। जैसे ही आप स्वयं को बिना शर्त स्वीकार करते हैं, भीतर संतुलन जन्म लेता है।
इस वीडियो में जानिए:
• क्यों ओशो आंतरिक संघर्ष को दुःख की जड़ मानते हैं
• अपराधबोध और आत्म-अस्वीकृति कैसे हमें बाँधते हैं
• Self-improvement और Self-acceptance में अंतर
• बिना शर्त स्वयं को अपनाने की ओशो की दृष्टि
• ध्यान कैसे भीतर का युद्ध समाप्त करता है
ओशो कहते हैं—आप यहाँ किसी और बनने नहीं आए हैं, बल्कि स्वयं को खिलने देने आए हैं। जब आप अपने आप से लड़ना छोड़ देते हैं, तो वही ऊर्जा प्रेम, रचनात्मकता और आनंद बन जाती है।
🌱 इस चैनल पर आत्म-स्वीकृति, ध्यान, प्रेम और जागरूकता से जुड़े विचार साझा किए जाते हैं।
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Tags:
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