श्रीमद्भगवत गीता व्याख्या -अध्याय 12 श्लोक नंबर 8 निर्गुण निराकार, उपासना,कठनाई से निरंतर सावधानी
Автор: Ram Naresh Tiwari (Kakka ji)
Загружено: 2026-02-15
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे,
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