WARMTH OF LOVE! VINITA FROM ERNAKULAM SENDS 200 BLANKETS.TO CHETMA SCHOOL IN DALTONGANJ DIOCESE.
Автор: DALTONGANJ DIOCESE OFFICIAL
Загружено: 2026-01-10
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Описание:
जंगल के स्कूल में कम्बल वितरण
सेंट मेरीज़ स्कूल, चेतमा ।
दिनांक: 9 जनवरी 2026
दिनांक 9 जनवरी 2026 को सेंट मेरीज़ स्कूल, चेतमा में एक अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से स्कूल के बच्चों और शिक्षकों के लिए रखा गया था, ताकि ठंड के इस कठिन मौसम में उन्हें कुछ राहत और स्नेह का अनुभव हो सके। इस नेक कार्य की उदार लाभार्थी श्रीमती बिनीता थीं, जिनके सहयोग से यह सेवा संभव हो पाई।
सेंट मेरीज़ स्कूल, चेतमा लगभग जंगल क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका दूर-दराज़ का है, जहाँ रहने वाले अधिकांश लोग बहुत गरीब और साधनहीन हैं। इसके बावजूद यहाँ के बच्चे हर दिन कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए पढ़ने के लिए स्कूल आते हैं। ठंड के मौसम में भी, जब ठंडी हवा और ठिठुरन जीवन को कठिन बना देती है, तब भी ये बच्चे शिक्षा की आशा लेकर विद्यालय पहुँचते हैं। वर्तमान में इस स्कूल में लगभग 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
इस विशेष अवसर पर परम आदरणीय बिशप थियोडोर, डालटोंगंज धर्मप्रांत के बिशप, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। बिशप महोदय ने स्वयं बच्चों और शिक्षकों को कंबल वितरित किए। जब बच्चों को अपने हाथों में गर्म कंबल मिले, तो उनके चेहरों पर खुशी, आश्चर्य और कृतज्ञता साफ दिखाई दे रही थी। कई बच्चों के लिए यह केवल एक कंबल नहीं था, बल्कि प्रेम, सुरक्षा और अपनापन का प्रतीक था।
कंबल वितरण के दौरान बिशप थियोडोर ने बच्चों से स्नेहपूर्वक बात की। उन्होंने बच्चों को मेहनत से पढ़ाई करने, अनुशासन में रहने और अपने जीवन में बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं, आगे बढ़ना चाहते हैं और कुछ बड़ा बनना चाहते हैं, कलीसिया और समाज उनकी मदद करेगा। बिशप ने बच्चों को यह भरोसा दिलाया कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे वे अपने जीवन को और अपने समाज को बेहतर बना सकते हैं।
इस अवसर पर फादर मॉरिस कुजूर भी उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को प्रेरणादायक शब्दों में समझाया कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि मन में दृढ़ निश्चय हो। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को कभी न छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में फादर संजय गिद्ध, विकार जनरल, की उपस्थिति ने भी बच्चों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। फादर संजय गिद्ध ने बच्चों को केवल अच्छे विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि अच्छे इंसान बनने की सीख दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना, अपने समाज को गरीबी और अज्ञानता से बाहर निकालना भी है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे बड़े होकर अपने ही क्षेत्र और अपने ही लोगों के लिए काम करें।
कंबल वितरण केवल एक भौतिक सहायता नहीं थी, बल्कि यह प्रेम, करुणा और मानवीय संवेदना की अभिव्यक्ति थी। ठंड के मौसम में यह छोटा सा प्रयास बच्चों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया। शिक्षक भी कंबल पाकर बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने इस सेवा के लिए हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।
पूरा वातावरण आनंद, उल्लास और कृतज्ञता से भरा हुआ था। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और आँखों में आशा की चमक इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता थी। यह कार्यक्रम इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि जब समाज, कलीसिया और उदार हृदय वाले लोग मिलकर काम करते हैं, तो गरीब और जरूरतमंदों के जीवन में भी उजाला लाया जा सकता है।
अंत में, सेंट मेरीज़ स्कूल, चेतमा की ओर से श्रीमती बिनीता, बिशप थियोडोर, सभी पुरोहितों और सहयोगियों को धन्यवाद दिया गया। यह कार्यक्रम लंबे समय तक बच्चों और शिक्षकों के दिलों में एक सुंदर स्मृति बनकर रहेगा और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
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