कुम्हेर का घेराव: वह युद्ध जिसने मराठों और मुगलों को रुला दिया | The Siege of Kumher
Автор: BaChU ViBes
Загружено: 2025-12-19
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कुम्हेर का घेराव: वह युद्ध जिसने मराठों और मुगलों को रुला दिया | The Siege of Kumher
यह कहानी है 18वीं सदी की उस ज़बरदस्त टक्कर की, जब एक अकेला जाट राजा 80,000 की विशाल मुगल और मराठा सेना के सामने पहाड़ बनकर खड़ा हो गया था! 🏰🔥
जनवरी 1754 में शुरू हुआ कुम्हेर का घेराव सिर्फ एक युद्ध नहीं, बल्कि प्रतिशोध, कूटनीति और अस्तित्व के संघर्ष की कहानी है। एक तरफ मल्हार राव होलकर थे, जो अपने बेटे खांडेराव होलकर की मौत का बदला लेने के लिए पागल थे, तो दूसरी तरफ थे महाराजा सूरजमल, जिन्होंने अपनी मिट्टी की रक्षा के लिए किले की दीवारों को अपनी ढाल बना लिया था।
पर इस युद्ध का असली टर्निंग पॉइंट तब आया, जब सूरजमल की पत्नी, रानी हंसिया ने कमान संभाली! उनकी अचूक कूटनीति ने 80,000 की एकजुट सेना को कैसे दो हिस्सों में बाँट दिया और मराठों को खाली हाथ वापस लौटने पर मजबूर किया?
इस वीडियो में जानिए:
मुगलों और मराठों ने मिलकर सूरजमल पर हमला क्यों किया?
किस घटना ने मल्हार राव होलकर के प्रतिशोध को आग दी?
पानी की कमी वाले किले को सूरजमल ने अपना सबसे बड़ा हथियार कैसे बनाया?
रानी हंसिया ने किस एक चाल से जयाजी राव शिंदे को महाराजा सूरजमल का दोस्त बना दिया?
यह ऐतिहासिक कहानी आपको बताती है कि जब हौसला बुलंद हो, तो बड़ी से बड़ी ताकत को भी हराया जा सकता है। वीडियो को अंत तक देखें!
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Queries Solved In This Video:
कुम्हेर का युद्ध कब हुआ था?
महाराजा सूरजमल की रानी हंसिया
कुम्हेर का घेरा 1754
खांडेराव होलकर की मौत कैसे हुई?
जाट राजा सूरजमल का इतिहास
मराठा और सूरजमल का युद्ध
सबसे बड़ा घेराव
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