वाराणसी मौनी अमावस्या पर वाराणसी के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का उमडा जन सैलाब
Автор: Khaber Hindi
Загружено: 2026-01-18
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मौनी अमावस्या पर काशी के 84 घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
काशी में आज मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भोर से ही काशी के 84 घाटों पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन सभ्यता के आरंभकर्ता माने जाने वाले ऋषि मनु का जन्म हुआ था। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन मां गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिससे घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। श्रद्धालु मोक्ष की प्राप्ति और पापों के नाश की कामना के साथ गंगा स्नान करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार आज के दिन ब्राह्मणों को गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, लाल पुष्प, लाल चंदन, माणिक्य, शहद, केसर, घी और कुमकुम आदि का दान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
गंगा पुरोहित राजू तिवारी ने बताया कि मौनी अमावस्या माघ मास की अमावस्या होती है, जिसमें पितरों की पूजा और परिवार के कल्याण के लिए विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि आज के दिन दंपति यदि मौन रहकर गंगा स्नान करते हैं तो घर में सुख-समृद्धि और सभी प्रकार की उपलब्धि बनी रहती है।
मौनी अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए काशी के घाटों पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। अनाउंसमेंट के जरिए श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करें। जल पुलिस, एनडीआरएफ और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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