रामगढ़ पहाड़ श्री राम सीता मैया का घर | Ramgarh Pahad Udaipur Shri Ram Sita Maiya Ka Ghar | Vlogs
Автор: Vlogs Rahul
Загружено: 2025-04-01
Просмотров: 116331
Описание:
रामगढ़ पहाड़ श्री राम सीता मैया का घर | Ramgarh Pahad Udaipur Shri Ram Sita Maiya Ka Ghar | Vlogs
_____________________________________________
Business enquiry
[email protected]
Instagram id - / vlogs_rahul_78
_____________________________________________
Ramgarh pahad
Ramgarh
Ramgarh pahad udaypur sarguja chhattisgarh
Ramgarh pahadi sarguja
Ramgarh pahadi
Ramgarh pahad sampurna darshan
Ramgarh ambikapur
Ramgarh pahad video
Ramgarh pahad ke video
Ramgarh pahadi chhattisgarh
Ramgarh gufa
Ramgarh ki pahadiya
Ramgarh sarguja chhattisgarh
Ramgarh history
Ramgarh udaipur surguja
Ramgarh ki pahadi
Ramgarh pahad chhattisgarh
Ramgarh maunt sarguja
Ram janki mandir ramgarh
Ramgarh ambikapur chhattisgarh
स्थान रामगढ़ पर्वत जोगीमारा और सीताबेंगरा गुफाएं
जिला सरगुजा छत्तीसगढ़
दूरी जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर
दर्शनीय स्थल रामगढ़ व्यू पॉइंट हाथी पोल सीताबेंगरा गुफा जोगीमारा गुफा
वैसे तो छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व के अनेक स्थल हैं सृष्टि निर्माता ने छत्तीसगढ़ को अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य से नवाजा है दक्षिण कौशल का यह क्षेत्र रामायण कालीन संस्कृति का परिचायक रहा है ऐतिहासिक पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व की ऐसी ही एक स्थली रामगढ़ सरगुजा जिले में स्थित है सरगुजा संभागीय मुख्यालय अम्बिकापुर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर विकासखण्ड मुख्यालय के समीप रामगढ़ की पहाड़ी स्थित है दूर से इस पहाड़ी का दृश्य बैठे हुए हाथी के सदृश्य प्रतीत होता है समुद्र तल से इसकी ऊॅचाई लगभग 3 हजार 202 फीट है
महाकवि कालिदास की अनुपम रचना मेघदूतम की रचना स्थली और विश्व की सर्वाधिक प्राचीनतम् शैल नाट्यशाला के रूप में विख्यात रामगढ़ पर्वत के साये में इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोए रखने और इसके संवर्धन के लिए हर साल आषाढ़ के पहले दिन यहां रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है प्राकृतिक सुषमा से सम्पन्न रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर अवस्थित सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं प्राचीनतम शैल नाट्यशाला के रूप में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है ये गुफाएं तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व मौर्यकाल के समय की मानी जाती हैं जोगीमारा गुफा में मौर्य कालीन ब्राह्मी लिपि में अभिलेख तथा सीताबेंगरा गुफा में गुप्तकालीन ब्राह्मी लिपि में अभिलेख है जोगीमारा गुफा में भारतीय भित्ति चित्रों के सबसे प्राचीन नमूने अंकित हैं
पुरातात्विक दस्तावेजों के रूप में मूर्तियों शिलालेखों एवं ताम्रपत्रों का बड़ा महत्व है रामगढ़ में ऐसे महत्व की वस्तुएं उपलब्ध है जोगीमारा गुफा में लगभग 8 मूर्तियां संग्रहित हैं इन मूर्तियों का आकार प्रकार एवं ऊंचाई तथा आकृतियों के उत्कीर्ण करने की शैली से स्पष्ट होता है कि ये मूर्तियां राजपूत शैली में निर्मित की गई हैं राजपूत शैली में चेहरे का उभार ऊंचाई लम्बी नाक क्षीण कटि नितम्बों का उभार जांघों एवं पिंडलियों का उन्नत्तोदर क्षेत्र अर्द्धकोणाकार पंजे आदि परिरक्षित होते हैं मूर्तियों के मुख मण्डल पर चिंतन की मुद्रा राजपूत शैली से अलग भाव भंगिमा लगती है इन तथ्यों से ये मूर्तियां लगभग 2 हजार वर्ष पूर्व की लगती हैं
रामगढ़ पहाड़ी के ऊर्ध्व भाग में दो शिलालेख मौजूद हैं प्रस्तर पर नुकीले छेनी से काटकर लिखे गए इस लेख की लिपि पाली और कुछ-कुछ खरोष्टी से मिलती जुलती है लिपि विशेषज्ञों ने इसे एक मत से पाली लिपि माना है इस पर निर्मित कमलाकृति रहस्यमय प्रतीत होती है यह आकृति कम बीजक ज्यादा महसूस होता है
रामायण कालीन संस्कृत
भगवान राम के रामगढ़ आने का प्रमाण आध्यात्म रामायण के अनुसार यह है कि महर्षि जमदग्नि ने राम को भगवान शंकर द्वारा दिया गया वाण प्रास्थलिक दिया था जिसका उपयोग उन्होंने रावण के विनाश के लिए किया था रामगढ़ के निकट स्थित महेशपुर वनस्थली महर्षि की तपोभूमि थी इससे यह स्पष्ट होता है कि वनवास के दौरान भगवान राम महर्षि जमदग्नि के आश्रम आए थे तथा ऋषि की आज्ञा से कुछ दिनों तक रामगढ़ में वास किया था
रामगढ़ का महाकवि कालिदास से सम्बन्ध
रामगढ़ को महाकवि कालीदास की अमरकृति मेघदूतम् की रचनास्थली मानी जाती है संस्कृति अकादमी भोपाल द्वारा इस ओर विशेष ध्यान देने पर रामगढ़ पुरातात्विक दृष्टि से विशेष अध्ययन का केन्द्र बन गया लगभग 10 फीट ऊपर कालीदासम खुदा हुआ मिला तीनों शब्दों को एक कड़ी में पिरोने पर उन्होंने आशय लगाया कि कवि कालीदास ने मेघदूत की रचना यहीं पर की होगी
सीताबेंगरा के ही पार्श्व एक सुगम सुरंग मार्ग है जिसे हाथी पोल कहते हैं इसकी लम्बाई लगभग 180 फीट है इसका प्रवेश द्वार लगभग 55 फीट ऊंचा है इसके अंदर से ही इस पास से उस पार तक एक नाला बहता है इस सुरंग में हाथी आसानी से आ-जा सकता है इसलिए इसे हाथी पोल कहा जाता है सुरंग के भीतर ही पहाड़ से रिसकर एवं अन्य भौगोलिक प्रभाव के कारण एक शीतल जल का कुण्ड बना हुआ
कालिदास युगीन नाट्यशाला और शिलालेख मेघदूतम् के प्राकृतिक चित्र वाल्मीकी रामायण के संकेत तथा मेघदूत की आधार कथा के रूप में वर्णित तुम्वुरू वृतांत और श्री राम की वनपथ रेखा रामगढ़ को माना जा रहा है मान्यता यह है कि भगवान राम ने अपने वनवास का कुछ समय रामगढ़ में व्यतीत किया था रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर सीताबेंगरा और जोगीमारा की अद्वितीय कलात्मक गुफाएँ हैं भगवान राम के वनवास के दौरान सीताजी ने जिस गुफा में आश्रय लिया था वह सीताबेंगरा के नाम से प्रसिद्ध हुई यही गुफाएँ रंगशाला कहा जाता है कि यह दुनिया का पहला रंगमंच है के रूप में कला-प्रेमियों के लिए तीर्थ स्थल है यह गुफा 44.5 फुट लंबी ओर 15 फुट चौड़ी है 1960 ई में पूना से प्रकाशित ए फ्रेश लाइट आन मेघदूत द्वारा सिद्ध किया गया
#Ramgarhpahad
#Ramgarh
#Ramgarhpahadudaypursargujachhattisgarh
#Ramgarhpahadmela2025
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: